घटिया निर्माण सामग्री और निगरानी में कमी के आरोप, ठेकेदार के खिलाफ स्थानीय लोगों में आक्रोश

प्रीतम दास हाइलाकांदी, ७ अक्टूबर: निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही हाइलाकांदी जिले के मोहनपुर आउटपोस्ट के समीप बेराखाल नाला पर निर्माणाधीन पुल का बीच का हिस्सा अचानक ढह जाने से इलाके में व्यापक चर्चा और चिंता का माहौल है। घटना के बाद पुल के निर्माण की गुणवत्ता इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री तथा संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं।स्थानीय सूत्रों के अनुसार लगभग ३ करोड़ ६८ लाख रुपये की लागत से इस पुल का निर्माण कार्य चल रहा था। गत १६ मार्च को मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से पुल का शिलान्यास किया था। इसके बाद पुल का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा था। लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही आज सुबह अचानक पुल का बीच का हिस्सा ढह गया।घटना के समय पुल पर आम लोगों की आवाजाही नहीं होने के कारण प्रारंभिक रूप से किसी बड़े जान माल के नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि निर्माणाधीन पुल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अचानक ढह जाने से इलाके में स्वाभाविक रूप से भय और चिंता का माहौल उत्पन्न हो गया।घटना के बाद से ही स्थानीय निवासी पुल के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे पुल का उद्घाटन होने से पहले ही उसका एक हिस्सा कैसे ढह गया इसकी गहन जांच आवश्यक है। निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता इंजीनियरिंग डिजाइन तथा निर्माण प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं इस पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।विशेष रूप से पुल निर्माण की जिम्मेदारी संभाल रहे ठेकेदार राजू चौधरी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों के एक वर्ग ने मांग की है कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता हुई है या नहीं इसकी निष्पक्ष जांच की जाए।साथ ही निर्माण कार्य के दौरान विभागीय अधिकारियों तथा संबंधित विभाग की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। नियमित निरीक्षण और गुणवत्ता जांच की व्यवस्था होने के बावजूद निर्माणाधीन पुल का बीच का हिस्सा आखिर कैसे ढह गया यह सवाल अब प्रमुखता से सामने आया है।स्थानीय लोगों ने मांग की है कि घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर पुल के ढहने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए। यदि जांच के दौरान निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल अथवा निर्धारित नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।हालांकि पुल के ढहने का वास्तविक कारण अभी तक निश्चित रूप से सामने नहीं आया है। सरकारी जांच और संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयान के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
