नरसिंहपुर में विद्याभारती का ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम

एक करोड़ कंठों के साथ विद्यार्थियों ने किया ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन

नरसिंहपुर, 25 सितंबर: विद्याभारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान (शिक्षा समिति) द्वारा आयोजित ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को सुबह 9 बजे नरसिंहपुर स्थित मां मनसा विवाह भवन परिसर में नरसिंहपुर सरस्वती विद्यानिकेतन के सौजन्य से ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा संयुक्त रूप से भारत माता की वंदना तथा गायत्री मंत्र के उच्चारण से हुआ। इसके बाद मुख्य अतिथि शिलचर गुरूचरण विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. निरंजन राय, सेवानिवृत्त जिला एडीसी एवं नरसिंहपुर सरस्वती विद्यानिकेतन की प्रबंध समिति के अध्यक्ष वीरेश चंद्र नाथ, स्वर्णलक्ष्मी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षक परिमल नाथ चौधरी, समाजसेवी एवं उद्योगपति त्रैलक्ष्य भूषण नाथ, नरसिंहपुर जीपी की अध्यक्ष राधारानी नाथ सहित अन्य अतिथियों ने मंगल दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

इस अवसर पर नरसिंहपुर सरस्वती विद्यानिकेतन के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अतिथियों को उत्तरीय पहनाकर सम्मानित किया।

मुख्य अतिथि डॉ. निरंजन राय ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी मातृभूमि, स्वर्गभूमि और जन्मभूमि के प्रति श्रद्धा एवं प्रेम का प्रतीक ‘वंदे मातरम्’ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में इस महान गीत की रचना के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। प्रसिद्ध राष्ट्रवादी, देशभक्त एवं संस्कृति-प्रेमी कवि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने इसकी रचना की थी। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ भारतीयों के लिए प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत बना और इसने देशवासियों में साहस तथा राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत की।

उन्होंने कहा कि उस समय भारत गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था और समाज अनेक कुरीतियों एवं अंधविश्वासों से घिरा था। ऐसे समय में बंकिमचंद्र की रचना ने भारतीय समाज को जागृत करने तथा देशभक्ति की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभिन्न आंदोलनों और संघर्षों के माध्यम से देशवासियों ने एकजुट होकर स्वतंत्रता प्राप्त की। ‘वंदे मातरम्’ आज भी हमारे गौरव, स्वप्न, देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।

कार्यक्रम में वीरेश चंद्र नाथ एवं परिमल नाथ चौधरी ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में स्थानीय छात्र-छात्राओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों एवं क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम को सफल बनाया।

विद्याभारती के इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत देशभर में 25 हजार से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से अधिक लोगों द्वारा एक साथ पूर्ण ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया गया। नरसिंहपुर का यह कार्यक्रम भी इसी व्यापक राष्ट्रीय आयोजन की स्थानीय कड़ी रहा।

वर्ष 1876 में रचित बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विद्याभारती द्वारा देशभर में ‘नमामि भारतम्’ नाम से यह व्यापक आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व तथा स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका के प्रति जागरूक करना है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक-शिक्षिकाओं सुभाष चंद्र कैरी, रीता नाथ, संगीता शर्मा, मंगला नाथ, सुदीप्ता गोस्वामी, बाबली दास, स्वप्ना कैरी, देवाशीष दास, सुपा नाथ, अपर्णा नाथ, जयतोष नाथ, सेविका राय, पालकी नाथ, पुष्पा नाथ, सौमित्र नाथ, दीपिका देव, संतोष कैरी, अक्षय कैरी सहित अन्य ने सहयोग किया।

पूरे कार्यक्रम का संचालन नरसिंहपुर सरस्वती विद्यानिकेतन के प्रधानाचार्य पन्नालाल नाथ ने किया।

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