दूरदर्शन शिलचर में राजभाषा पखवाड़ा का भव्य समापन

कविता, अंत्याक्षरी व विभिन्न प्रतियोगिताओं ने बांधा समां; विजेताओं को प्रमाणपत्र देकर किया गया सम्मानित

शिलचर, 1 अक्टूबर: शिलचर दूरदर्शन केंद्र में 14 से 30 सितंबर तक विभिन्न कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं के साथ राजभाषा हिंदी पखवाड़ा उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। पखवाड़े के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कविता पाठ एवं कविता प्रतियोगिता ने विशेष आकर्षण पैदा किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दूरदर्शन केंद्र के उप-निदेशक (प्रशासन) एवं कार्यक्रम प्रमुख श्री समरजीत सिंह, प्रोग्राम प्रमुख चंद्रिमा दे, प्रशासनिक अधिकारी मीरा बर्मा, लकी देव, चंदन घोष तथा जिमुत लाल बर्मन द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद श्रीमती चंद्रिमा दे ने अतिथियों का स्वागत किया।

समारोह की विशेष अतिथि श्रीमती सीमा कुमार, संपादक, दैनिक प्रेरणा भारती, ने अपने संबोधन में कहा कि टेलीविजन आज समाज को जागरूक और शिक्षित करने का एक सशक्त माध्यम है तथा दूरदर्शन की इस क्षेत्र में विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि दूरदर्शन ने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार एवं विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

विशेष अतिथि श्रीमती बिंदु सिंह, हिंदी विभागाध्यक्ष, महर्षि महाविद्यालय ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए शिलचर दूरदर्शन में हिंदी के प्रयोग और हिंदी कार्यक्रमों के लिए कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत कर कार्यक्रम में साहित्यिक रंग भर दिया और उपस्थित लोगों का उत्साह बढ़ाया।

राजभाषा पखवाड़े के दौरान कर्मचारियों के लिए निबंध लेखन, टिप्पणी एवं प्रारूप लेखन तथा अंत्याक्षरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। निबंध, टिप्पणी एवं प्रारूप लेखन प्रतियोगिता के निर्णायक समाजसेवी बाबुल नारायण कानू रहे, जबकि अंत्याक्षरी प्रतियोगिता का निर्णय शेखर चौधरी ने किया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को समारोह के दौरान प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर दूरदर्शन केंद्र के कर्मचारियों द्वारा गृह मंत्री का भाषण भी पढ़ा गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं केंद्र के उप-निदेशक (प्रशासन) श्री समरजीत सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में दूरदर्शन केंद्र में कर्मचारियों की संख्या काफी कम हो गई है, इसके बावजूद सभी कर्मचारियों ने उत्साह और समर्पण के साथ पूरे राजभाषा पखवाड़े का आयोजन सफलतापूर्वक किया।

कार्यक्रम के आयोजन एवं संचालन में चंदन घोष की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में देव ज्योति धर चौधुरी ने अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उनकी कविता के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

समारोह के अंत में श्री समरजीत सिंह ने सभी अतिथियों, निर्णायकों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान हिंदी भाषा के प्रति कर्मचारियों का उत्साह और समर्पण स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

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