दुमदुमा प्रेरणा भारती 27 अक्टूबर :–
श्रीमंत शंकरदेव और उनके परम शिष्य श्री श्री माधवदेव ने ‘एक शरण नाम धर्म’ के प्रचार के लिए जिन माध्यमों का सहारा लिया था, उनमें ‘दिहानाम’ सबसे प्रमुख माध्यमों में से एक था। दिहानाम के माध्यम से ईश्वर का गुणगान करने के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के कल्याण की कामना की जाती है। गुरुजनों के इस दिहानाम के गौरव और महत्व को आगे बढ़ाते हुए, असम जातीयतावादी युवा छात्र परिषद तिनसुकिया जिला समिति के सौजन्य , युवा छात्र परिषद की दुमदुमा आंचलिक समिति के सहयोग और समस्त दुमदुमा वासियों के आतिथ्य में आगामी 3, 4 और 5 नवंबर को दुमदुमा नगर खेल मैदान में ‘अखिल असम स्तरीय प्राइज मनी दिहानाम प्रतियोगिता’ आयोजित की जाएगी। इन तीन दिनों में दुमदुमा का पूरा वातावरण दिहानाम की धुनों से गुंजायमान रहेगा। कुल 60 दलों (टीमों) के बीच ‘क’ और ‘ख’ शाखा में आयोजित होने वाली इस दिहानाम प्रतियोगिता के लिए आज मुख्य पंडाल का लाइखूंठा स्थापित किया गया। आज नगर खेल मैदान में सुबह 11 बजे खोल, शंख, ताल और मांगलिक ध्वनि की गूंज तथा फिलोबाड़ी के गायन-बायन के दल की उपस्थिति में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ नामाचार्य भक्त माधव बोरा ने मुख्य स्तंभ की स्थापना की। सैकड़ों पुरुष और महिला भक्तों व वैष्णवों की उपस्थिति में स्तंभ स्थापना के तुरंत बाद, परिषद की केंद्रीय समिति के सहायक सचिव सुरजीत मोरान ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया और सभी से सहयोग की अपील की। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दुलु आरंधरा को अध्यक्ष, मनोज तालुकदार और जीतुल सोनोवाल को सचिव तथा प्रभाकर शर्मा को कोषाध्यक्ष नियुक्त कर एक विशाल स्वागत समिति का गठन किया गया है, जो सभी कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ा रही है। आज मुल मंडप के स्तंभ की स्थापना के बाद स्वागत समिति ने विभिन्न विभागों के साथ एक आपातकालीन बैठक की और चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।