दुर्गापुर चाय बागान को हराकर चैंपियन बना खासपुर पुंजी, करीब पांच हजार दर्शकों ने लिया रोमांचक मुकाबले का आनंद
नीहार कांति राय, प्रेरणा भारती
उधारबंद : फुटबॉल के रोमांच, खिलाड़ियों के आक्रमण-प्रत्याक्रमण और दर्शकों के जबर्दस्त उत्साह के बीच सोमवार को दयापुर मैदान में रामप्रसाद नुनिया स्मृति फुटबॉल प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला खेला गया। रोमांच से भरपूर इस मुकाबले में खासपुर पुंजी ने शानदार वापसी करते हुए दयापुर चाय बागान टीम को पराजित कर चैंपियन का खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले को देखने के लिए करीब पांच हजार फुटबॉल प्रेमी मैदान में जुटे।
फाइनल मैच से पहले पूर्व विधायक एवं पूर्व खेल मंत्री अजीत सिंह ने दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष रामराज, बागान प्रबंधक रवींद्र सिंह शेखावत, समाजसेवी ताहेर लस्कर, बागान पंचायत के शिशुपाल साहू, डलू ग्राम पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रिंकू दास गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। मैच शुरू होने से पहले दिवंगत रामप्रसाद नुनिया की स्मृति में एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। खेल के 27वें मिनट में दयापुर चाय बागान के खिलाड़ी मुन्नू ने शानदार शॉट लगाकर गेंद को सीधे गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। गोलकीपर को छकाते हुए किए गए इस बेहतरीन गोल से दयापुर चाय बागान ने पहले हाफ में 1-0 की बढ़त बना ली।
हालांकि पिछड़ने के बावजूद खासपुर पुंजी के खिलाड़ियों ने हिम्मत नहीं हारी। दूसरे हाफ के शुरू होने के महज आठ मिनट बाद टीम के जेमी खसिया ने बेहतरीन व्यक्तिगत प्रयास करते हुए विपक्षी रक्षापंक्ति को छकाया और शानदार शॉट के जरिए गेंद को जाल में डालकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
इसके बाद मुकाबला और भी रोमांचक हो गया। दोनों टीमों की ओर से लगातार हमले और जवाबी हमले होते रहे। अंतिम चरण में खासपुर पुंजी ने जबर्दस्त आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए महज छह मिनट के भीतर लगातार तीन गोल दाग दिए। अचानक हुए इन गोलों से मैच का पूरा रुख बदल गया और खासपुर पुंजी ने दयापुर चाय बागान पर निर्णायक बढ़त हासिल कर ली।
अंततः खासपुर पुंजी ने शानदार वापसी करते हुए दयापुर चाय बागान को हराकर रामप्रसाद नुनिया स्मृति फुटबॉल प्रतियोगिता की ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया।
मैच समाप्त होने के बाद उपस्थित अतिथियों ने विजेता एवं उपविजेता टीम के खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए। पुरस्कार वितरण समारोह में बागान प्रबंधक रवींद्र सिंह शेखावत सहित अन्य अतिथियों ने भाग लिया। मंच पर उधारबंद जीपी की सभानेत्री काकली कर समेत क्षेत्र के अनेक समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
फाइनल मुकाबले को लेकर पूरे दिन दयापुर मैदान में फुटबॉल उत्सव जैसा माहौल बना रहा। करीब पांच हजार दर्शकों की तालियों, नारों और उत्साह से पूरा मैदान गूंजता रहा। रोमांचक उतार-चढ़ाव और खासपुर पुंजी की शानदार वापसी के कारण यह फाइनल मुकाबला लंबे समय तक फुटबॉल प्रेमियों की यादों में बना रहेगा।
मैच का संचालन बाबुल मुड़ा ने किया। उनके सहायक के रूप में परिमल साहा, कीर्त सुरेन और संतोष कुओर ने जिम्मेदारी निभाई।