दक्षिण हाइलाकांडी की बेटी चंदा कोईरी बनीं डॉक्टर, एमबीबीएस पास कर रचा इतिहास
काटलीछोड़ा, 12 मई।
दक्षिण हाइलाकांडी विकासखंड के दुर्गम लालपानी खासीया रोड क्षेत्र की बेटी चंदा कोईरी ने एमबीबीएस उत्तीर्ण कर पूरे इलाके का नाम रोशन किया है। वह दक्षिण हाइलाकांडी क्षेत्र की पहली महिला चिकित्सक बनकर उभरी हैं। उनके इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
हाइलाकांडी जिले के दूरस्थ लालपानी खासीया रोड गांव की रहने वाली चंदा कोईरी ने हाल ही में घोषित एमबीबीएस परीक्षा परिणाम में डिफू मेडिकल कॉलेज से 77वां रैंक प्राप्त कर सफलता हासिल की। बताया गया है कि आगामी 13 मई को उनकी पहली पोस्टिंग होने वाली है। एमबीबीएस का परिणाम 6 मई को घोषित हुआ था।
विशेष बात यह है कि जिस क्षेत्र में आज तक कोई सरकारी कॉलेज स्थापित नहीं हो पाया, उसी पिछड़े और सीमांत इलाके से निकलकर चंदा ने डॉक्टर बनने का सपना साकार किया। उनकी सफलता को ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा माना जा रहा है।
चंदा के पिता रामराज कोईरी मणिपुर एमई स्कूल के सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से ही चंदा पढ़ाई के प्रति बेहद गंभीर और मेहनती थीं। परिवार के सहयोग, अनुशासन और निरंतर परिश्रम के कारण ही वह आज इस मुकाम तक पहुंच सकीं।
चंदा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा काटलीछोड़ा शिक्षा खंड के लालपानी नंबर-12 एलपी स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने मणिपुर मध्यबंग विद्यालय में आठवीं तक अध्ययन किया तथा मणिपुर हाईस्कूल से माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण की। उच्च माध्यमिक शिक्षा शिलचर के एक निजी कॉलेज से पूरी करने के बाद वर्ष 2020 में असम विश्वविद्यालय से स्पेशल बी-फार्मा की डिग्री प्राप्त की। उसी वर्ष नीट परीक्षा में सफलता हासिल कर उन्होंने डिफू मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया और चार वर्षों की कठिन मेहनत के बाद एमबीबीएस की डिग्री हासिल की।
स्थानीय लोगों के अनुसार दक्षिण हाइलाकांडी क्षेत्र की बेटियों में चंदा कोईरी पहली डॉक्टर बनी हैं। उनकी इस उपलब्धि पर लालपानी सेवा संघ, बराक उपत्यका बंग साहित्य संस्कृति सम्मेलन की मणिपुर आंचलिक समिति, डायमंड क्लब सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों, पंचायत प्रतिनिधियों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई दी है।
अपनी सफलता पर चंदा कोईरी ने कहा कि उन्होंने हमेशा अनुशासन, कठिन परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण को प्राथमिकता दी। भविष्य में वह एक संवेदनशील चिकित्सक के रूप में लोगों की सेवा करना चाहती हैं।