तेरापंथ महिला मंडल शिलचर ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित किया “गृहलक्ष्मी स्वाभिमान अभियान”

प्रे.सं., शिलचर, 7 मार्च: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल, शिलचर शाखा के तत्वावधान में शनिवार को शिलचर जैन भवन में “गृहलक्ष्मी स्वाभिमान अभियान” के रूप में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज की विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी प्रतिष्ठित महिलाओं ने भाग लेकर महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और सामाजिक भागीदारी के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मारवाड़ी सम्मेलन की अध्यक्षा सुंदरी देवी पटवा, ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय केंद्र शिलचर की प्रमुख बी.के. भवानी दीदी, इनर डील क्लब की ओर से एडवोकेट सोमिता सोम, इरा अमादेर एनजीओ की प्रतिनिधि नारायणी भोसले तथा संग चल एनजीओ की सभानेत्री सुचरिता धर उपस्थित थीं। इसके अलावा मंचासीन अतिथियों में आशा लता भूरा, विमला देवी रांका, रेखा चोरड़िया सहित कई गणमान्य महिलाएँ शामिल रहीं।

 

कार्यक्रम की शुरुआत महिला शक्ति के सम्मान के साथ हुई। इस अवसर पर सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्रीमती विमला देवी रांका तथा श्रीमती मधु सांड को “प्रेरणा सम्मान” से सम्मानित किया गया। साथ ही विमला रांका की पुत्री, जो भगवान महावीर के बताए मार्ग का अनुसरण कर आध्यात्मिक जीवन की ओर अग्रसर हैं, उन्हें भी मानपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि सुंदरी देवी पटवा ने अपने संबोधन में कहा कि “जब एक महिला शिक्षित होती है तो उसका पूरा परिवार शिक्षित होता है, और जब परिवार शिक्षित होता है तो समाज भी स्वतः प्रगतिशील बन जाता है।” उन्होंने देश की महान नारियों का उदाहरण देते हुए महिलाओं के सम्मान और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए समाज को सहयोग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उनके सामाजिक योगदान को देखते हुए उन्हें उत्तरीय ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

 

ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय केंद्र शिलचर की प्रमुख बी.के. भवानी दीदी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का लक्ष्य महान होना चाहिए और नारी शक्ति का स्वरूप है। उन्होंने बताया कि प्राचीन काल की तुलना में आधुनिक युग में महिलाओं की भूमिका में व्यापक परिवर्तन आया है। उन्होंने बाहरी शांति के साथ-साथ आंतरिक शांति को भी जीवन में अत्यंत आवश्यक बताते हुए सभी को आत्मिक विकास की दिशा में प्रयास करने की प्रेरणा दी।

इस अवसर पर रेखा चोरड़िया ने तेरापंथ महिला मंडल के सामाजिक कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि संगठन को स्थापित हुए 50 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और यह संस्था समाज सेवा के क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। उन्होंने महिलाओं को बचत की आदत अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि यदि महिलाएँ प्रतिदिन मात्र 5 रुपये की बचत करें तो वर्ष भर में लगभग 1800 रुपये की राशि एकत्रित हो सकती है, जिसे जरूरतमंदों की सहायता में उपयोग किया जा सकता है।

 

उन्होंने समाजसेवी सुंदरी पटवा के सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे गृहस्थ जीवन की जिम्मेदारियों का निर्वाह करते हुए भी कई सामाजिक संगठनों से जुड़कर समाज सेवा में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जो अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

 

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं के लिए रोचक खेलों का भी आयोजन किया गया, जिसमें विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन पूजा मरोठी ने किया।

 

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता के इस अभियान को सफल बनाया।

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