अल्फा स्वाधीन के दो कट्टर सदस्य को भारी मात्रा में अस्त्र-शस्त्र और गोला बारूद के साथ गिरफ्तार किया ।
तिनसुकिया, प्रेरणा भारती 27 जून-प्रतिबंधित संगठन अल्फा स्वाधीन के आतंकी हमले के साथ दहशत फैलाने के मंसूबे को नाकाम करते हुए की तिनसुकिया पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अल्फा स्वाधीन के दो कट्टर एवं सक्रिय सदस्य से भारी मात्रा में अस्त्र-शस्त्र और गोला बारूद एवं आपत्ति जनक दस्तावेज के साथ गिरफ्तार किया गया।
इस संदर्भ में आज विस्तृत जानकारी देने हेतु तिनसुकिया जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में तिनसुकिया जिला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मयंक कुमार द्वारा जिला अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय)मृण्मय दास और तिनसुकिया जिला अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक(क्राइम)दिनेश प्रताप सिंह राठौर की उपस्थिति में एक पत्रकार सम्मेलन को संबोधित किया गया।पत्रकारों को संबोधित करते हुये संपूर्ण विवरण प्रस्तुत करते हुए वरिष्ठ जिला पुलिस अधीक्षक मयंक कुमार ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर तिनसुकिया पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों की सहायता से आज जागुन क्षेत्र लेखापानी थाना अंतर्गत में एक विशेष अभियान चलाकर प्रतिबंधित संगठन अल्फा स्वाधीन के दो सक्रिय कैडर को गिरफ्तार किया।जिनकी पहचान तिनसुकिया जिले के पानीतोला निवासी एसएस सेकंड लेफ्टिनेंट सियोर असम उर्फ हुमेनज्योति बरुआ (27 वर्ष),बाघजान थाना अंतर्गत करदो गुड़ी निवासी एसएस सेकंड लेफ्टिनेंट मनोज असम उर्फ पापू मोरान (30 वर्ष) के रूप में हुई है।जिनके पास से 2 एके-56 राइफल,2 हैंड ग्रेनेड,एके की 172 जीवित कारतूस,दवाइयों का किट,सिरिंज और आपतीजनक पदार्थ,जंगल में जीवित रहने के लिए खाद्य सामग्री,बैकपैक तथा अन्य अपति जनक सामग्री बरामद की गई है।पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार प्रारंभिक जांच में पता चला है कि अल्फा ने इन दोनों कैडरों को तिनसुकिया शहर में निर्दोष लोगों को निशाना बनाकर मारने तथा लोगों के बीच दहशत फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। मालूम हो कि जिले में धन उगाही के पत्र व्यापारियों अल्फा स्वाधीन द्वारा दी गई है। उन्होंने आगे बताया की योजनाबद्ध कार्यप्रणाली से यह संकेत मिलता है कि क्षेत्र को अस्थिर करने और सार्वजनिक शांति भंग करने के उद्देश्य से बाहरी तत्वों का प्रभाव एवं समर्थन इसमें शामिल हो सकता है।दोनों अल्फा कैडर वर्ष 2018 से अल्फा स्वाधीन से जुड़े हुये है।पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत लेखापानी थाना में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई से एक बड़ी आतंकी वारदात टालने में सफलता मिली है।
वही उन्होंने बताया कि पिछले बर्ष काकोपथार सेना छावनी में आक्रमण में दोनों की संलिप्तता होने के साथ ही
असम पुलिस के कमांडो कैंप पर हमला और जागुन स्थित एक क्रशर फैक्टरी से एक कर्मचारी के अपहरण की घटना में भी इनकी संलिप्तता है।उन्होंने आने वाले समय में तिनसुकिया के लोगों को सचेत रहने को अपिल की और कोई भी सुचना मिलते ही पुलिस से सम्पर्क करने का आह्वान किया। फिलहाल पुलिस एवं सेना की कमीयाबि से तिनसुकिया के लोगों ने राहत की महसूस कर रहे हैं पर आने वाले समय की चिंता सता रही है।