डिब्रूगढ़ में IEC-BCC से मजबूत हो रही निवारक स्वास्थ्य व्यवस्था, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी

डिब्रूगढ़: डिब्रूगढ़ जिला स्वास्थ्य विभाग ने जिले में निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और स्वास्थ्य संकेतकों में स्थायी सुधार लाने के लिए सूचना, शिक्षा, संचार एवं व्यवहार परिवर्तन संचार गतिविधियों को तेज कर दिया है।

विभाग ने व्यक्तिगत संवाद, सामुदायिक पहुंच, जन-जागरूकता अभियान और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई है।

ASHA, ANM, CHO और CPHC की टीमें व्यक्तिगत स्तर पर लोगों से संवाद कर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। VHSND और PMSMA सत्रों तथा विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, किशोरों और दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित मरीजों को परामर्श दिया जा रहा है। असम मेडिकल कॉलेज में संचालित किशोर-अनुकूल स्वास्थ्य क्लिनिक तथा मनोरोग परामर्श सेवाएं भी किशोर एवं मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा दे रही हैं।

सामुदायिक स्तर पर विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों के बीच समूह चर्चा और केंद्रित समूह चर्चाएं आयोजित की जा रही हैं। चाय बागान क्षेत्रों में लाइन सरदारों, कोर कम्युनिटी ग्रुप, VHSND तथा ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियों को जागरूकता और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से जोड़ा गया है।

स्वास्थ्य संदेशों को गांवों और चाय बागान क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए नुक्कड़ नाटक, IEC स्टॉल, पोस्टर, बैनर, पर्चे, फ्लिपबुक, मोबाइल मेडिकल यूनिट, IEC वैन और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली का भी उपयोग किया जा रहा है। स्थानीय रेडियो, समाचार पत्रों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और फेसबुक तथा X जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भी विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं तक नियमित स्वास्थ्य संदेश पहुंचाने के लिए ‘किलकारी’ सेवा का भी उपयोग किया जा रहा है।

स्कूल स्तर पर पोस्टर ड्राइंग, क्विज और चित्रकला प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। RBSK की मोबाइल स्वास्थ्य टीमें स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण, व्यक्तिगत स्वच्छता, मासिक धर्म स्वास्थ्य और किशोर स्वास्थ्य से संबंधित जागरूकता सत्र आयोजित कर रही हैं।

स्वास्थ्य सेवा दर्पण पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, डिब्रूगढ़ में मातृ मृत्यु के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। वर्ष 2019-20 में जहां मातृ मृत्यु के 36 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2024-25 में यह संख्या घटकर 12 रह गई। इसी तरह शिशु मृत्यु के मामलों में भी लगातार गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2019-20 में 274 शिशु मृत्यु के मुकाबले 2025-26 में यह संख्या घटकर 100 रह गई।

राज्य की मातृ मृत्यु अनुपात में भी सुधार हुआ है। वर्ष 2018-20 में 195 से घटकर 2020-22 में यह 125 हो गया, जो राष्ट्रीय औसत से कम है।

जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन सुधारों के पीछे मजबूत स्वास्थ्य अवसंरचना, बेहतर स्वास्थ्य सेवा वितरण, समर्पित स्वास्थ्यकर्मियों और निरंतर IEC-BCC गतिविधियों का संयुक्त योगदान है।

विभाग ने कहा कि IEC-BCC अब केवल स्वास्थ्य संदेशों के प्रचार-प्रसार का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह निवारक स्वास्थ्य व्यवस्था और व्यवहार परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण घटक बन चुका है। विभाग ने विश्वास जताया कि सभी हितधारकों के समन्वित प्रयासों से डिब्रूगढ़ को और अधिक स्वस्थ एवं स्वास्थ्य-जागरूक जिला बनाने की दिशा में निरंतर प्रगति जारी रहेगी।

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