डिब्रूगढ़ में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान से हजारों गर्भवती महिलाओं को लाभ

डिब्रूगढ़: गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व और गुणवत्तापूर्ण प्रसव-पूर्व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष २०१६ में शुरू किया गया प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान डिब्रूगढ़ जिले में प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वित्तीय वर्ष २०२६-२७ में अप्रैल से अगस्त तक मात्र पांच महीनों में ७,३३७ गर्भवती महिलाओं ने अभियान के तहत प्रसव-पूर्व स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया है।

अभियान के तहत प्रत्येक माह की ९ तारीख को नियमित तथा १९ तारीख को विस्तारित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इन अवसरों पर द्वितीय और तृतीय तिमाही की गर्भवती महिलाओं को एक ही स्थान पर विशेषज्ञ चिकित्सकों और चिकित्सा अधिकारियों द्वारा प्रसव-पूर्व जांच, प्रयोगशाला जांच, अल्ट्रासोनोग्राफी तथा प्रशिक्षित परामर्शदाताओं की परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में अब तक ६,५२३ महिलाओं की हीमोग्लोबिन जांच, १,९९१ की रक्त-समूह जांच, १,५७४ की हेपेटाइटिस-बी जांच, १,९७४ की एचआईवी जांच तथा ५१७ महिलाओं की अल्ट्रासोनोग्राफी की जा चुकी है। इस अवधि में १,७६२ उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की शीघ्र पहचान की गई है। ऐसी महिलाओं को प्रसव तक सघन अनुवर्तन, आवश्यक देखभाल और समय पर उपचार के लिए संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी में रखा गया है।

अभियान की एक महत्वपूर्ण विशेषता उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का नाम, पता और जोखिम के कारण सहित विवरण संबंधित आयुष्मान आरोग्य मंदिर अथवा उप-स्वास्थ्य केंद्र को उपलब्ध कराना है। इससे क्षेत्रीय स्तर पर इन महिलाओं का नियमित अनुवर्तन और आवश्यक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

वित्तीय वर्ष २०२५-२६ में भी अभियान के तहत ४,७०१ गर्भवती महिलाओं को सेवाएं प्रदान की गई थीं। इनमें ३,९०९ की हीमोग्लोबिन जांच, २,५६० की रक्त-समूह जांच, ६९६ की गर्भकालीन मधुमेह जांच, १,४४३ की हेपेटाइटिस-बी जांच, १,७६३ की एचआईवी जांच और ५०७ की अल्ट्रासोनोग्राफी की गई थी। इस दौरान ८२७ उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान कर आवश्यक अनुवर्तन और प्रबंधन के लिए भेजा गया था।

जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अभियान के साथ अन्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संयुक्त प्रयासों से जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु के आंकड़ों में भी कमी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य सेवा दर्पण पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, मातृ मृत्यु की संख्या वित्तीय वर्ष २०१९-२० में ३६ थी, जो घटकर २०२०-२१ में ३०, २०२१-२२ में ३०, २०२२-२३ में २४, २०२३-२४ में १४ और २०२४-२५ में १२ हो गई।

इसी प्रकार शिशु मृत्यु की संख्या २०१९-२० में २७४ से घटकर २०२०-२१ में २५२, २०२१-२२ में २२८, २०२२-२३ में २०१, २०२३-२४ में १३९, २०२४-२५ में १३३ और २०२५-२६ में १०० हो गई।

अभियान को अधिक प्रभावी और लोकप्रिय बनाने के लिए जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में बैनर और पोस्टर लगाए गए हैं। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा व्यक्तिगत संपर्क तथा जागरूकता सभाओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को अभियान की सेवाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है। आशा कार्यकर्ताओं को गर्भवती महिलाओं को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान केंद्रों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए लगाया गया है। आवश्यकता पड़ने पर १०८ एम्बुलेंस और रोगी परिवहन सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

जिला स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभियान के माध्यम से उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय रहते पहचान, नियमित अनुवर्तन और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने से सुरक्षित प्रसव की दिशा में महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है। डिब्रूगढ़ में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में लगातार संचालित किया जा रहा है।

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