डिब्रूगढ़ में एसपीआईसी मैके की पश्चिमी शास्त्रीय संगीत श्रृंखला

डिब्रूगढ़: एसपीआईसी मैके (सोसाइटी फॉर द प्रमोशन ऑफ इंडियन क्लासिकल म्यूजिक एंड कल्चर अमंग्स्ट यूथ) का डिब्रूगढ़ चैप्टर आगामी २९ और ३० सितंबर को डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया में दो दिवसीय पश्चिमी शास्त्रीय संगीत श्रृंखला का आयोजन करेगा। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध पियानोवादक एवं कंडक्टर निसे मेरूनो के साथ नागालैंड के टेट्सो कॉलेज एन्सेम्बल की प्रस्तुति होगी।

आयोजकों के अनुसार, यह पहली बार है जब एसपीआईसी मैके का डिब्रूगढ़ चैप्टर पश्चिमी शास्त्रीय संगीत की श्रृंखला आयोजित कर रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और संगीत प्रेमियों को पश्चिमी शास्त्रीय संगीत तथा नागा लोक-संगीत के फ्यूजन से जोड़ना है।

निसे मेरूनो, जो यामाहा आर्टिस्ट हैं, ने सिंगापुर में संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने पियानो के साथ-साथ गायन, संचालन और संगीत रचना में विशेषज्ञता हासिल की है। वे यूरोप, एशिया और यूनाइटेड किंगडम में प्रस्तुतियां देने के साथ-साथ विभिन्न कार्यशालाओं का संचालन कर चुके हैं। उन्होंने पुरुष कोरस जोवे मैड्रिगल और शो कॉयर वॉयसेस ऑफ होप का भी निर्देशन किया है।

मेरूनो को कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें २००१ का परफॉर्मर्स अवार्ड, २००७ का गवर्नर्स अवार्ड और २०१२ का यंग अचीवर्स अवार्ड शामिल हैं। वर्ष २०११ में उन्हें इंडिया टुडे की शीर्ष ३० युवा उपलब्धिकर्ताओं की सूची में भी शामिल किया गया था। वे जापान के यामाहा पियानोज द्वारा यामाहा आर्टिस्ट के रूप में नामित होने वाले पहले भारतीय भी बने।

मेरूनो के साथ टेट्सो कॉलेज एन्सेम्बल प्रस्तुति देगा। इसमें संगीत में बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स की पढ़ाई कर रहे प्रतिभाशाली छात्र संगीतकार शामिल हैं। एन्सेम्बल के सदस्यों ने पियानो, गायन, गिटार और संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उनके संगीत संग्रह में पश्चिमी शास्त्रीय, धार्मिक, समकालीन और लोकप्रिय संगीत के साथ-साथ नागा लोक-संगीत फ्यूजन भी शामिल है।

यह कार्यक्रम संबंधित शैक्षणिक संस्थानों के एसपीआईसी मैके हेरिटेज क्लबों के सहयोग से आयोजित किया जाएगा।

२९ सितंबर को पहला कार्यक्रम डी.एच.एस.के. (स्वायत्त) कॉलेज, डिब्रूगढ़ में शाम ६:३० बजे आयोजित किया जाएगा।

३० सितंबर को सुबह १० बजे टीम बडिंग बड्स हायर सेकेंडरी स्कूल, तिनसुकिया में प्रस्तुति देगी। इसके बाद उसी दिन शाम ६ बजे डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

यह संगीत श्रृंखला एसआरएफ फाउंडेशन, ज्योति ललिता कनाई फाउंडेशन तथा डिब्रूगढ़ चैप्टर के अन्य संरक्षकों के सहयोग से आयोजित की जा रही है।

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