डिब्रूगढ़ प्रेस क्लब के ‘गाओलोई जाओं’ कार्यक्रम में ग्रामीण समस्याएँ उजागर

डिब्रूगढ़: डिब्रूगढ़ प्रेस क्लब के ‘गाओलोई जाओं’ कार्यक्रम ने डिब्रूगढ़ जिले के लेजाई-बोरदोईबाम गांव के निवासियों की नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं को उजागर किया। यह गांव डिब्रूगढ़ शहर से करीब तीस से पैंतीस किलोमीटर दूर स्थित है।

कार्यक्रम में करीब पचास पत्रकारों ने हिस्सा लिया और बोरदोईबाम सांस्कृतिक सभागार में लगभग एक सौ स्थानीय निवासियों के साथ बातचीत की। कार्यक्रम का उद्देश्य दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों की शिकायतों और समस्याओं को समझना था।

स्थानीय नेताओं हितेश गोगोई, रूपनाथ मिली और संजीब चांगमाई ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को सामने रखा। हितेश गोगोई ने ग्रामीणों की ग्यारह प्रमुख शिकायतों से संबंधित एक ज्ञापन प्रेस क्लब के सचिव को सौंपा और उसे सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाया।

बैठक के बाद पत्रकारों ने ग्रामीणों द्वारा चिन्हित कई स्थानों का दौरा किया, जहां गंभीर समस्याएं सामने आईं। सबसे चिंताजनक मुद्दों में से एक कई घरों तक बिजली कनेक्शन पहुंचाने का तरीका था।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, लेकिन बिजली आपूर्ति के तार उचित बिजली विभाग के खंभों के बजाय ग्रामीणों द्वारा लगाए गए बांस के खंभों से जोड़े गए हैं। कुछ स्थानों पर बिजली के तार बांस के खंभों से साधारण रस्सी के सहारे काफी कम ऊंचाई पर बांधे गए थे।

पत्रकारों को यह भी दिखाया गया कि ग्रामीण इन हाई-वोल्टेज बिजली के तारों के नीचे से नियमित रूप से आवागमन करते हैं, जिससे करंट लगने और जान-माल के नुकसान का गंभीर खतरा बना हुआ है।

क्षेत्र के पशु चिकित्सा केंद्र की स्थिति भी चिंता का एक प्रमुख विषय रही। ग्रामीणों के अनुसार, बड़े क्षेत्र को सेवा देने वाले इस केंद्र में न तो कोई डॉक्टर तैनात है और न ही कोई अन्य कर्मचारी। केंद्र का भवन भी जर्जर हालत में पाया गया।

ग्रामीणों ने लेजाई-बोरदोईबाम को इताखुली थान गांव से जोड़ने वाले सेसा नदी के किनारे स्थित एकमात्र तटबंध की खराब स्थिति पर भी चिंता जताई। ग्रामीणों के अनुसार, इस तटबंध का निर्माण तैंतीस करोड़ रुपये की लागत से किया गया था।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तटबंध का निर्माण कार्य ठीक से पूरा नहीं किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि बड़ी मात्रा में धनराशि का कथित रूप से ठेकेदारों और अधिकारियों द्वारा गबन किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सेसा नदी के किनारे कटाव से बचाव के लिए पांच स्थानों पर जियो-बैग लगाए गए हैं, लेकिन बोरदोईबाम वाले हिस्से में एक भी जियो-बैग नहीं लगाया गया।

बोरदोईबाम जलापूर्ति योजना भी ग्रामीणों की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी है। ग्रामीणों के अनुसार, योजना के तहत पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है और पाइप लगाए जाने के कुछ ही समय बाद कई पाइप टूट गए।

स्थिति पर नाराजगी जताते हुए स्थानीय निवासियों ने कहा कि सरकार को इन समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार निष्क्रियता से ग्रामीणों के जीवन और सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

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