डिब्रूगढ़: भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) की ओर से पूर्वोत्तर क्षेत्र के विभिन्न हवाई अड्डों के तकनीकी अधिकारियों एवं गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के लिए डिब्रूगढ़ एयरपोर्ट पर १९ से २१ अगस्त तक तीन दिवसीय क्षेत्रीय स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों के पेशेवर ज्ञान, तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक क्षमताओं को बढ़ाना था। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने एयरपोर्ट संचालन से जुड़े विभिन्न विषयों पर सैद्धांतिक सत्रों के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया।
तकनीकी प्रशिक्षण के तहत प्रतिभागियों को एयरक्राफ्ट क्रैश फायर टेंडर (सीएफटी) के बुनियादी संचालन, रखरखाव और सुरक्षित उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। रोसेनबॉयर और नाफ्को उपकरणों के संचालन को लेकर संबंधित मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) के प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष प्रशिक्षण प्रदान किया।
इसके अलावा बेसिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट, ई-ऑफिस तथा वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद प्रक्रिया पर भी सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में वित्तीय अनुशासन, डिजिटल कार्यप्रणाली, पेपरलेस ऑफिस व्यवस्था और खरीद प्रक्रियाओं की मूलभूत जानकारी दी गई।
डिब्रूगढ़ एयरपोर्ट के निदेशक बंगजीत साहा ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों की समग्र दक्षता और कार्यक्षमता को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि क्रैश फायर टेंडर के संचालन का विशेष प्रशिक्षण एयरपोर्ट सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वहीं, वित्तीय प्रबंधन और ई-ऑफिस प्रणाली की जानकारी कर्मचारियों को आधुनिक प्रशासनिक कार्यप्रणाली के अनुरूप ढलने में मदद करेगी।
अधिकारियों के अनुसार, तीन दिवसीय कार्यक्रम से प्रतिभागियों को तकनीकी एवं प्रशासनिक दोनों क्षेत्रों में अपनी दक्षता बढ़ाने का अवसर मिला। साथ ही पूर्वोत्तर के विभिन्न हवाई अड्डों से आए कर्मचारियों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान और आपसी संवाद को भी बढ़ावा मिला।