डाबिदुबी में बेरोजगार युवाओं का प्रदर्शन, नुमालीगढ़ रिफाइनरी में स्थानीयों को रोजगार देने की मांग
बोकोखाट: गोलाघाट जिले के खुमतई क्षेत्र स्थित डाबिदुबी में शिक्षित बेरोजगार युवाओं ने नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि असम समझौते के तहत स्थापित इस ऐतिहासिक रिफाइनरी में स्थानीय निवासियों की अनदेखी की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने रिफाइनरी प्रबंधन पर “एंटी-लोकल” नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि डाबिदुबी में चल रहे विस्तार परियोजना में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं दिए जा रहे हैं। उन्होंने “नुमालीगढ़ रिफाइनरी में बाहरी लोगों का वर्चस्व नहीं चलेगा” जैसे नारे लगाकर अपना विरोध जताया।
युवाओं का आरोप है कि रिफाइनरी में लंबे समय से विभिन्न परियोजनाएं संचालित हो रही हैं, लेकिन रोजगार के मामले में स्थानीय युवाओं की उपेक्षा की जा रही है। उनका कहना है कि बाहरी श्रमिकों और ठेकेदारों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि कुछ गिने-चुने स्थानीय लोगों को ही काम मिला है और उन्हें भी अत्यंत कम वेतन दिया जा रहा है।
डाबिदुबी और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में युवा बेरोजगार हैं। रिफाइनरी के विस्तार की शुरुआत से ही स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाएगा, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
स्थानीय निवासियों ने इस मुद्दे को लेकर जिला आयुक्त को कई ज्ञापन भी सौंपे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि स्थानीय बेरोजगार युवाओं को योग्यता के आधार पर रोजगार प्रदान किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो जनसमर्थन के साथ वे चल रहे कार्यों को रोकने के लिए बाध्य होंगे।
गौरतलब है कि परियोजना की शुरुआत से ही यह मुद्दा उठता रहा है, लेकिन लगातार उपेक्षा के कारण अब शिक्षित बेरोजगार युवाओं ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रिफाइनरी प्रबंधन और गोलाघाट जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।