डलू नदी के उफान से दो पुलों के एप्रोच बह गए, कई गांवों का संपर्क टूटा, त्वरित कार्रवाई की मांग

निहार कांति राय, उधारबंद

लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा के कारण उफनाई डलू नदी ने उधारबंद क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। नदी के तेज बहाव में अमरानगर से शिरीषतला, सोनाछड़ा होते हुए हाथीछड़ा जाने वाले एकमात्र संपर्क मार्ग पर स्थित पुल का एप्रोच बह गया। इसके साथ ही अमरानगर और सत्यानगर को जोड़ने वाले दूसरे पुल का एप्रोच भी नदी की धारा में समा गया।

दोनों पुलों के एप्रोच क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के अनेक गांवों का संपर्क कट गया है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होने से आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। वहीं छात्र-छात्राओं के स्कूल आने-जाने में भी गंभीर कठिनाइयां पैदा हो गई हैं।

हाथीछड़ा जीपी की सभानेत्री कल्याणी कुर्मी, काशीपुर मंडल चाय मोर्चा के अध्यक्ष प्रताप कुर्मी, बूथ अध्यक्ष धनंजय दास, जीपी सदस्य राजेश्वर उरांव तथा स्थानीय निवासी गणेश राय, वीर चक्रवर्ती, श्यामल दास और गौरा दास ने बताया कि विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने से ठीक पहले भी लगातार बारिश के कारण डोलू नदी में जलस्तर बढ़ने से इसी पुल का एप्रोच बह गया था। उस समय प्रताप कुर्मी ने विधायक राजदीप गोयाला से संपर्क किया था। विधायक ने तत्काल संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात कर आवश्यक कदम उठाए थे। विभागीय अधिकारियों और क्षेत्रीय अभियंता के मौके पर पहुंचने के बाद मात्र दो दिनों के भीतर एप्रोच का पुनर्निर्माण कर यातायात व्यवस्था बहाल कर दी गई थी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक राजदीप गोयाला ने पूर्व में त्वरित कार्रवाई कर समस्या का समाधान किया था। इसलिए इस बार भी वे उनसे शीघ्र हस्तक्षेप कर क्षतिग्रस्त एप्रोचों की मरम्मत कराने की अपेक्षा कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल कदम उठाकर आवागमन बहाल करने की मांग की है।

स्थानीय लोगों ने विधायक राजदीप गोयाला की कार्यशैली और सक्रियता पर संतोष व्यक्त करते हुए आशा जताई है कि वर्तमान संकट का भी जल्द समाधान किया जाएगा।

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