ज्ञान, शांति और विकास ही विकसित भारत का मुलमंत्र,पुर्व सेना प्रमुख एम एम नरवने
चंद्रशेखर ग्वाला शिलचर, 21 जनवरी : आज असम विश्वविद्यालय के 33 वें स्थापना दिवस और 23 वें दीक्षांत समारोह के तीसरे और अंतिम दिन के मुख्य अतिथि के रूप में पुर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवने उपस्थित रहें। दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए, नरवणे ने कहा कि विविधता भारत की शक्ति है। ज्ञान, शांति और विकास एक “विकसित भारत” का मूल तत्व हैं। उन्होंने समाज के स्तंभों के रूप में न्याय, समानता और स्वतंत्रता के महत्व पर प्रकाश डाला और बंधुत्व को इन सिद्धांतों का पूरक मूल्य बताया। कुलपति प्रोफेसर राजीव मोहन पंत ने कहा कि युवा शक्ति ही भारत की असली ताकत है और आज पूरा देश अपने युवाओं की ओर देख रहा है। उन्होंने छात्रों को अपने भविष्य के लिए सही दिशा चुनने और निरंतर आत्म-सुधार के लिए प्रयासरत रहने के लिए प्रोत्साहित किया।