अनिल मिश्र/ रांची
झारखण्ड प्रदेश के रामगढ़ जिले की रहने वाली कविता महतो के सिर पर अपने पति की मौत के बाद दो छोटे बच्चों और बुजुर्ग सास-ससुर की भरण पोषण करने की जिम्मेदारी है।इस बीच झारखंड प्रदेश में होमगार्ड भर्ती की तैयारी कर रही हैं ताकि आगे की ज़िंदगी कुछ आसान हो सके। दरअसल रामगढ़ जिले में 284 पदों के लिए होमगार्ड जवानों की बहाली होनी है।इन अभ्यर्थियों की तैयारी के लिए ट्रायल दौड़ कराई गई, जिसमें कविता महतो ने भी हिस्सा लिया।इस दौरान न पाँव में जूते थे, न दौड़ के लिए कोई खास पोशाक। कविता साड़ी पहनकर नंगे पांव 1600 मीटर दौड़ीं और 10 मिनट की तय समय सीमा के मुकाबले 6 मिनट में ही दौड़ पूरी कर ली। ये कोई आम दौड़ नहीं थी।ये अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए एक मां की दौड़ थी। अपने परिवार को संभालने के लिए एक विधवा महिला की जिद थी। कविता की ये तस्वीर उन तमाम लोगों के लिए जवाब है जो मुश्किलों को अपनी कमजोरी मान लेते हैं।अब वह दिन दूर नहीं जब कविता झारखंड प्रदेश में होमगार्ड की नौकरी कर अपने दोनों बच्चों और सास-ससुर की भरण पोषण के साथ -साथ अपनी जीवन भी सुधार सकेंगी।