चाय बागान धन पुरस्कार मेला में 1270 श्रमिकों को मिला अनुमोदन पत्र, चायबागान हमारी सम्पत्ति है, इसे सुरक्षित रखना हमारा दायित्व – अमिताभ राय

2 फरवरी । रोजकान्दी चाय बागान व कछार जिला प्रशासन के सयुंक्त तत्वाबधान में रोजकान्दी चाय बागान में धन पुरस्कार मेला का आयोजन किया गया। आज इस अवसर पर कुल 1270 चाय बागान श्रमिकों के हांथो में अनुमोदन पत्र दिया गया। आज इस अवसर पर कछार जिला परिसद के चेयरमैन अमिताभ राय, रोजकान्दी चाय बागान के महाप्रबंधक ईश्वर भाई उभादिया, तापांग ब्लाक के सहायक बीडीओ रिपुन शर्मा समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कछार जिला परिसद के चेयरमैन अमिताभ राय ने कहा कि चाय बागान हमारी सम्पति है, चाय बागान ही हमारे लिए एकमात्र रोजी रोटी का साधन है। जबतक यह चाय बागान रहेगा तबतक हम सुरक्षित रहेंगे। इस बचाये रखना हमारा दायित्व है। इसलिए चायबागान श्रमिकों से मेरा अनुरोध है कि चाय बागान के विकास के लिए प्रबंधन के साथ मिलकर कैसे चायबागान का विकास होगा इसपर काम करना है। उन्होंने कहा कि चाय बागान श्रमिको के कार्य में उत्साह बढ़ाने व उनके एकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए असम सरकार 2018 से श्रमिकों के एकाउंट में 2500 रुपया डालती आ रही है। इस वर्ष यह सरकार प्रत्येक श्रमिको के एकाउन्ट में तीन हजार रुपया प्रदान की है। श्री अमिताभ राय ने आगे कहा कि स्वतंत्रता के बाद किसी सरकार ने श्रमिकों के हित के बारे में कुछ नही किया। भाजपा सरकार आने के बाद पहलीवार भाजपा के सर्वानन्द सोनोवाल के तत्वाबधान में चाय बागान श्रमिकों के हित में काम शुरु हुआ। यह सरकार बागान के गर्भवती महिलाओ के लिए क्रमश: 12 हजार रुपया देती है ताकी श्रमिक महिलाये घर पर रहकर पोष्टिक आहार लेकर मजबूती रहें। बागान बच्चों को पढ़ने के लिए यह सरकार मदद करती आ रही है। पुस्तक के लिए यह सरकार 1500 रुपया छात्रों के एकाउंट में भेजेगी। उन्होंने कहा कि सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने चायबागान के लिए 1 हजार करोड़ रुपया देने की घोषणा की है, जो चाय बागान के विकास में विभिन्न खाते में खर्च होगा।

अपने संबोधन में रोजकांदी चाय बागान महाप्रबंधक ईश्वर भाई उभाडिया ने कहा कि नोटबंदी के बाद कैसलेस सिस्टम चालु करते हुए मोदी सरकार ने श्रमिकों के लिए यह एकाउंट खोलवायी। कैसलेश के तहत उस समय एकाउंट के माध्यम से ही श्रमिकों की मजदूरी देने का नियम शुरु हुआ। मगर इंटरनेट समस्या के चलते इसमें समस्या आने लगी। ज्यादा दिन नही चल पाया। हालांकी राज्य सरकार श्रमिकों के हित 2018 और 2019 में श्रमिकों के एकाउंट में ढाई हजार रुपये के हिसाब से देती आ रही है। इसी कड़ी भाजपा सरकार इस वर्ष 3000 हजार रुपया श्रमिकों के एकाउंट में भेजी है। जिसका आज आनुष्ठानिक तौर पर चायबागान धन पुरस्कार मेला के तहत आज हमलोगो ने अनुमोदन पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर रोजकांदी चायबागान पंचायत पदाधिकारियों ने राज्य सरकार की इस योजना का प्रसंशा किया।

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