चाय क्षेत्र में ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए टीटीआरआई ने किया समझौता

जोरहाट: टोकलाई चाय अनुसंधान संस्थान (टीटीआरआई), जोरहाट ने चाय अनुसंधान संघ (टीआरए) के अंतर्गत ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में काम करने वाली गुवाहाटी स्थित कंपनी आरसी हॉबिटेक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य चाय अनुसंधान, सटीक कृषि, कौशल विकास और तकनीकी हस्तांतरण में ड्रोन तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना है।

एमओयू पर टीआरए के निदेशक डॉ. वेंकटेशन सेल्वराज और ड्रोन टेक लैब के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रितेश कानू ने मंगलवार को टीटीआरआई परिसर में हस्ताक्षर किए।

समझौते के तहत टीटीआरआई में ड्रोन उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र ड्रोन अनुसंधान एवं नवाचार, सटीक कृषि, चाय बागान प्रबंधन, जीआईएस एवं रिमोट सेंसिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित फसल विश्लेषण, ड्रोन डेटा प्रसंस्करण, वैज्ञानिक परीक्षण, तकनीकी प्रदर्शन और कौशल विकास के लिए बहुआयामी केंद्र के रूप में काम करेगा।

साझेदारी के अंतर्गत चाय की खेती और प्रबंधन से संबंधित ड्रोन अनुप्रयोगों का संयुक्त अनुसंधान एवं क्षेत्रीय परीक्षण भी किया जाएगा। इसके अलावा उद्योग-केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिनमें डीजीसीए रिमोट पायलट प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम, ड्रोन संचालन, ड्रोन से छिड़काव, सटीक कृषि, जीआईएस मानचित्रण और ड्रोन डेटा विश्लेषण सहित अन्य विषय शामिल होंगे।

ड्रोन अनुप्रयोग, स्मार्ट खेती और रिमोट सेंसिंग जैसे क्षेत्रों में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम भी विकसित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का लाभ चाय उत्पादकों, एस्टेट प्रबंधकों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, तकनीकी कर्मियों और अन्य चाय उद्योग से जुड़े पेशेवरों को मिलेगा।

इस अवसर पर डॉ. वेंकटेशन सेल्वराज ने कहा कि ड्रोन अब केवल उड़ने वाली वस्तुएं नहीं रह गए हैं, बल्कि वे महत्वपूर्ण तकनीकी उपकरण के रूप में उभर रहे हैं, जिनमें चाय उद्योग को बदलने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण और कौशल विकास के माध्यम से ड्रोन तकनीक युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसर पैदा कर सकती है।

रितेश कानू ने विभिन्न क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक के सामने मौजूद चुनौतियों और इस क्षेत्र में कौशल निर्माण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक चाय उद्योग को महत्वपूर्ण लाभ पहुंचाने के साथ-साथ इसे भविष्य के लिए तैयार करने में मदद कर सकती है।

यह साझेदारी कुशल ड्रोन पेशेवरों के विकास, चाय बागानों में ड्रोन के वैज्ञानिक उपयोग को बढ़ावा देने, रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर पैदा करने और अनुसंधान संस्थानों तथा उद्योग के बीच तकनीकी हस्तांतरण को मजबूत करने में योगदान देगी।

यह एमओयू ‘चाय अनुसंधान को आगे बढ़ाने में ड्रोन तकनीक, सटीक कृषि और कौशल विकास की भूमिका’ विषय पर आयोजित कार्यशाला के दौरान हुआ। कार्यशाला का आयोजन टीटीआरआई के जलवायु एवं जीआईएस/आरएस विभाग ने आरसी हॉबिटेक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से किया।

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