रितेश नुनिया , शिलकुड़ी: शनिवार को दोपहर 1 बजे घुंघूर स्थित राम जानकी जोड़ा मंदिर परिसर में बराकघाटी नुनिया समाज कल्याण समिति की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य विषय था – नुनिया समाज को TGL और OBC का लाभ नहीं मिलना। आपको बता दें कि घुंघूर में इससे पहले 13 सितम्बर को पूरे बराकघाटी से नुनिया समाज की एक अहम बैठक हुई थी , भारी संख्या में नुनिया समाज के लोग उपस्थित हुए थे , आज इस कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि असम सरकार के एक नोटिफिकेशन के कारण समाज के दो होनहार बच्चों – खुशबू बिन और अमृता चौहान को इस बार नीट परीक्षा में TGL कोटे से वंचित कर दिया गया, जिससे उनका मेडिकल में दाखिले का सपना टूट गया है। बैठक में श्रीभूमि के सांसद कृपानाथ मल्लाह के साथ-साथ कंचन नुनिया, डॉक्टर रंजन सिंह, सुभाष नुनिया, शंकर नुनिया, विजय नुनिया, बाबुल रॉय, राम नारायण नुनिया और पंचम नुनिया सहित समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस मौके पर सांसद कृपानाथ मल्लाह ने कहा कि नुनिया समाज मूल रूप से ब्रिटिश काल में चाय बागानों में काम करने के लिए बराक घाटी में आया था और आज भी बागानों से जुड़ा हुआ है। किसी तकनीकी कारण से इनका नाम TGL की सूची से कट गया है, जिसकी जानकारी माननीय मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा को नहीं है। सांसद ने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही समिति के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ गुवाहाटी में मुख्यमंत्री से मिलेंगे और इस समस्या का स्थायी समाधान करवाएंगे। साथ ही जिन दो बच्चों का नाम इस बार लिस्ट से हट गया है, उनकी मेहनत बेकार न जाए, इसके लिए उनके नाम को फिर से नीट की मेरिट लिस्ट में लाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। समाज के लोगों ने सांसद के इस आश्वासन पर संतोष जताया है।