गुरूचरण विश्वविद्यालय में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती पर ‘पराक्रम दिवस’ का आयोजन

गुरूचरण विश्वविद्यालय में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती पर ‘पराक्रम दिवस’ का आयोजन
शिलचर, 23 जनवरी:
गुरूचरण विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग की पहल पर शुक्रवार को विश्वविद्यालय के सभाकक्ष में महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के अवसर पर पराक्रम दिवस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नेताजी के देशप्रेम, त्याग, साहस और उनके अदम्य संघर्ष के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर निरंजन राय, कुलसचिव डॉ. विद्युत कांति पाल, शैक्षणिक कुलसचिव डॉ. अभिजीत नाथ, आईक्यूएसी के निदेशक डॉ. कृष्ण चंद्र दास तथा राजनीति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. स्वरूपा भट्टाचार्य उपस्थित थे। इसके अलावा विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्राध्यापक-प्राध्यापिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पण के साथ किया गया। स्वागत भाषण राजनीति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. स्वरूपा भट्टाचार्य ने दिया।
उल्लेखनीय है कि आज का दिन सरस्वती पूजा का भी पावन अवसर था। इस संदर्भ में वक्ताओं ने स्मरण कराया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने कारावास के दौरान भी सरस्वती पूजा का आयोजन किया था। वर्ष 1924 में बहारमपुर जेल में बंद रहते हुए उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प और अडिग मानसिक शक्ति के बल पर जेल प्रशासन को सरस्वती पूजा आयोजित करने के लिए सहमत किया था। यह घटना नेताजी की सांस्कृतिक चेतना, धार्मिक सहिष्णुता और सुदृढ़ व्यक्तित्व का आज भी एक उज्ज्वल उदाहरण मानी जाती है।
कुलपति प्रोफेसर निरंजन राय ने अपने संबोधन में कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक असाधारण देशभक्त और क्रांतिकारी नेता थे, जिनके आदर्श, साहस और बलिदान आज भी हमें प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी का योगदान बहुआयामी और ऐतिहासिक रहा है। आज़ाद हिंद फ़ौज के गठन के माध्यम से उन्होंने सशस्त्र संघर्ष की नई दिशा दिखाई। वर्ष 1943 में अंडमान में सबसे पहले राष्ट्रीय ध्वज फहराने का गौरव भी नेताजी को प्राप्त है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नेताजी के जीवन से प्रेरणा लेकर देश और समाज की सेवा में स्वयं को समर्पित करें।
कार्यक्रम में राजनीति विज्ञान विभाग के छात्र देवदत्त चौधुरी, लुबाब अहमद खान, हर्षिका दास और देवोपम राय ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने नेताजी के नेतृत्व गुणों, राष्ट्रवादी विचारधारा और स्वतंत्रता संग्राम में उनकी ऐतिहासिक भूमिका पर प्रकाश डाला।
राष्ट्रीय गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरे कार्यक्रम का संचालन राजनीति विज्ञान विभाग की छात्रा प्रियंका दास एवं शबनम लस्कर अलेही ने किया।

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