गुरुचरण विश्वविद्यालय में धूमधाम से मनाई गई रवींद्र जयंती
शिलचर, 9 मई : गुरुचरण विश्वविद्यालय के बांग्ला विभाग और परफॉर्मिंग आर्ट्स विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को विश्वविद्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में विश्वकवि रवींद्रनाथ ठाकुर की जयंती श्रद्धा और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर निरंजन राय ने की। इस अवसर पर कला संकाय के डीन प्रोफेसर असरफ हुसैन, डीन ऑफ स्टूडेंट्स अफेयर्स डॉ. जयदीप पाल तथा বাংলা विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अनामिका चक्रवर्ती सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन एवं गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद दर्शनशास्त्र विभाग की प्राध्यापिका डॉ. पौलमी चक्रवर्ती ने उद्घाटन गीत प्रस्तुत किया। स्वागत भाषण देते हुए डॉ. अनामिका चक्रवर्ती ने रवींद्रनाथ ठाकुर के साहित्य और मानवीय चिंतन की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रोफेसर निरंजन राय ने कहा कि रवींद्रनाथ ठाकुर की शिक्षा-दृष्टि आज की नई शिक्षा व्यवस्था में भी गहराई से प्रतिबिंबित होती है। वहीं प्रोफेसर असरफ हुसैन ने कविगुरु की बहुआयामी साहित्यिक प्रतिभा और भारतीय संस्कृति में उनके योगदान को रेखांकित किया। विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी के सहयोगी निदेशक तथा गणित विभाग के प्राध्यापक डॉ. देवाशीष शर्मा ने कविता पाठ कर वातावरण को भावपूर्ण बना दिया।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों — विश्वेश्वर देव, स्नेहाशीष दास, शुभजीत सिंह, शर्मिष्ठा नाथ, सृजनी देव, स्नेहा छेत्री, वैशाली कर, पुष्पा पाल और सुप्रभा देवनाथ ने रवींद्र संगीत, नृत्य तथा कविता पाठ के माध्यम से कविगुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह का समापन सामूहिक राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन गुरुचरण विभाग के प्राध्यापक डॉ. उत्तम पालुआ ने किया।