कोकराझार, 14 जुलाई: जिला प्रशासन, कोकराझार द्वारा आगामी ‘जनगणना 2027’ के महत्व और प्रक्रिया के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए जिले भर के शिक्षण संस्थानों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में सोमवार को कोकराझार विश्वविद्यालय में जिला प्रशासन के सहयोग से ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसी तरह के कार्यक्रम डॉटमा के यू.एन. ब्रह्म कॉलेज में डॉटमा की सर्कल ऑफिसर अनिन्दिता ब्रह्म की अध्यक्षता में और साइंस कॉलेज, कोकराझार में अतिरिक्त जिला आयुक्त बंटी तालुकदार की अध्यक्षता में आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में प्रधानाचार्यों, संकाय सदस्यों, फील्ड ट्रेनर, सहायक आयुक्तों, जिला अधिकारियों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया।
डिजिटल जनगणना में युवाओं की भूमिका पर जोर
जागरूकता सत्रों का मुख्य उद्देश्य युवाओं और शैक्षणिक समुदाय को जनगणना 2027 के ढाँचे और इसकी महत्ता से अवगत कराना है। कार्यक्रम में निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई:
डिजिटल फॉर्मेट: जनगणना के बदलते डिजिटल स्वरूप और इसमें नागरिकों की सक्रिय भागीदारी।
स्व-गणना के लाभ: स्व-गणना प्रक्रिया क्या है और इसके क्या फायदे हैं।
ऑनलाइन पंजीकरण: जनगणना पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया।
नागरिकों का उत्तरदायित्व: सटीक और समयबद्ध डेटा सुनिश्चित करने में नागरिकों की जिम्मेदारी।
इस दौरान आयोजित इंटरैक्टिव सत्रों में विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के सवालों के जवाब दिए और उनसे आग्रह किया कि वे अपने समुदायों में जाकर भी इस अभियान के बारे में लोगों को जागरूक करें। जिला प्रशासन का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से चलाया जा रहा यह व्यापक अभियान जनगणना 2027 को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
GOPAL PRASAD
KOKRAJHAR , ASSAM