काठीघोड़ा के सिद्धिपुर स्थित आरा मिल से लेकर तेलिटिकर के आंगनवाड़ी केंद्र तक – राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा पर सवाल
शमींन्द्र पाल, काठीघोड़ा, 16 अगस्त : राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, लेकिन निर्धारित समय पर उसे उतारना मानो संबंधित लोगों को पूरी तरह याद ही नहीं रहा! पत्रकार के कैमरे में दृश्य कैद होते ही आनन-फानन में राष्ट्रीय ध्वज उतारने की घटना को लेकर कछार जिले के काठीघोड़ा विधानसभा क्षेत्र के सिद्धिपुर स्थित एक आरा मिल की भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
शनिवार शाम करीब पौने सात बजे मिल परिसर में अंधेरा छा चुका था, लेकिन उस समय भी राष्ट्रीय ध्वज फहरा हुआ था। पत्रकार द्वारा वीडियो बनाना शुरू करते ही मिल के मैनेजर की नजर इस पर पड़ी। इसके बाद उन्होंने दौड़कर राष्ट्रीय ध्वज उतार दिया। बाद में कैमरे के सामने अपनी गलती स्वीकार करते हुए मैनेजर ने व्यस्तता का हवाला दिया।
हालांकि, मामला यहीं खत्म नहीं होता। उसी दिन काठीघोड़ा ICDS परियोजना के अधीन तेलिटिकर पार्ट-2 आंगनवाड़ी केंद्र में भी शाम करीब साढ़े छह बजे अंधेरे के बीच राष्ट्रीय ध्वज फहरा हुआ देखा गया।
राष्ट्रीय ध्वज कोई साधारण कपड़े का टुकड़ा नहीं है – यह देश के सम्मान और संप्रभुता का प्रतीक है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण दिन पर दो अलग-अलग संस्थानों में इस तरह की लापरवाही स्वाभाविक रूप से जिम्मेदारी और जागरूकता पर सवाल खड़े करती है।
इसे महज गलती कहकर टाल दिया जाएगा, या फिर संबंधित लोगों के खिलाफ उचित निगरानी और कार्रवाई की जाएगी – अब यही देखने वाली बात है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा कड़े कदम उठाने और संस्थानों को अधिक जिम्मेदार बनने की आवश्यकता है।