किसानों के नाम पर सरकारी अनुदान प्राप्त पावर टिलर की तस्करी करने वाले गिरोह का मुख्य सरगना गिरफ्तार

हाइलाकांदी पुलिस की कार्रवाई में 4 पावर टिलर बरामद, जांच में बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना
प्रतिनिधि हाइलाकांदी, ६ जून : किसानों के लिए केंद्र सरकार की अनुदान आधारित योजना के अंतर्गत आवंटित पावर टिलरों को अवैध रूप से एकत्र कर बेचने वाले एक गिरोह के मुख्य सरगना को हाइलाकांदी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गुरुवार देर रात चलाए गए एक विशेष अभियान में आरोपी नुरुल इस्लाम लस्कर को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान उसके कब्जे से सरकारी अनुदान प्राप्त चार पावर टिलर भी बरामद किए गए।पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार नुरुल इस्लाम लस्कर लाला थाना क्षेत्र के दीनानाथपुर पार्ट-२ का निवासी है। आरोप है कि वह लंबे समय से किसानों के नाम पर आवंटित सरकारी अनुदान प्राप्त पावर टिलरों को एकत्र कर अवैध रूप से अन्य स्थानों पर बेचने के कारोबार में संलिप्त था।जानकारी के अनुसार हाइलाकांदी थाना में दर्ज मामला संख्या ६८/२६ की जांच के दौरान पुलिस को इस गिरोह के बारे में सुराग मिला। जांच की प्रगति के आधार पर नुरुल इस्लाम लस्कर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई जिसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। उसके द्वारा दी गई सूचना के आधार पर पुलिस ने विभिन्न स्थानों से चार पावर टिलर बरामद किए।पुलिस का कहना है कि बरामद किए गए पावर टिलर कृषि विभाग के माध्यम से वास्तविक किसानों एवं लाभार्थियों के नाम पर केंद्र सरकार की कृषि यंत्रीकरण उपमिशन (SMAM) योजना के तहत अनुदानित दरों पर आवंटित किए गए थे। लेकिन इन मशीनों को वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाने के बजाय अवैध रूप से एकत्र कर बेच दिया जा रहा था जिससे सरकारी योजना को नुकसान पहुंच रहा था।उल्लेखनीय है कि कृषि उत्पादन बढ़ाने तथा किसानों को आधुनिक यांत्रिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार एसएमएएम (SMAM) योजना के तहत अनुदानित दरों पर विभिन्न कृषि उपकरण उपलब्ध कराती है। इस योजना के अंतर्गत वितरित पावर टिलरों की अवैध बिक्री न केवल सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग है बल्कि वास्तविक किसानों को उनके अधिकारों से वंचित करने के समान भी है।घटना के संबंध में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता( बीएन एस) की धारा ६१(२)३०३(२) ३१६(२) तथा ३१८(४) के तहत मामला दर्ज किया है। वर्तमान में आरोपी से पूछताछ जारी है तथा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन कौन लोग शामिल हैं।जांच अधिकारियों के अनुसार इस पूरे मामले के पीछे एक बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका है। सरकारी अनुदान प्राप्त कृषि यंत्रों के संग्रहण परिवहन और अवैध बिक्री में कई अन्य व्यक्तियों के भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इसी दिशा में पुलिस अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है।हाइलाकांदी पुलिस की इस कार्रवाई से सरकारी अनुदान आधारित योजनाओं के दुरुपयोग का एक महत्वपूर्ण मामला उजागर हुआ है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के लिए निर्धारित सरकारी सुविधाएं किसी भी स्थिति में असामाजिक तत्वों या अवैध गिरोहों के हाथों में न जाएं इसके लिए कड़ी निगरानी जारी रहेगी। साथ ही इस मामले में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को कानून के दायरे में लाने के लिए जांच को और तेज किया गया है।