काछाड़ के लाल विक्रम कोइरी देश के सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारियों में शामिल

काछाड़ के लाल विक्रम कोइरी देश के सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारियों में शामिल
फेम इंडिया–एशिया पोस्ट सर्वेक्षण में मिली राष्ट्रीय पहचान, बराक घाटी और असम के लिए गौरव का क्षण
असम के काछाड़ जिले के लिए यह अत्यंत गर्व और सम्मान की बात है कि जिले के मूल निवासी तथा 2014 बैच के आईएएस अधिकारी Bikram Kairi को देश के सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारियों (District Magistrates) की प्रतिष्ठित सूची में स्थान प्राप्त हुआ है। फेम इंडिया (Fame India) और एशिया पोस्ट (Asia Post) द्वारा किए गए राष्ट्रीय स्तर के सर्वेक्षण में उन्हें यह सम्मान उनके उत्कृष्ट प्रशासनिक कौशल, जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शी कार्यशैली और संवेदनशील नेतृत्व के लिए प्रदान किया गया है।
यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे बराक घाटी और असम के लिए प्रेरणा एवं गौरव का विषय बन गई है। विशेष रूप से चाय जनजाति समुदाय के युवाओं के लिए विक्रम कोइरी एक प्रेरणास्रोत के रूप में उभरे हैं।
काछाड़ के उदरबंध से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर
विक्रम कोइरी का मूल निवास काछाड़ जिले के उदरबंध क्षेत्र स्थित मझाग्राम चाय बागान इलाके में है। साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में स्थान प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि वे बराक घाटी के चाय जनजाति समुदाय से आने वाले पहले आईएएस अधिकारी हैं, जिसने इस समुदाय के इतिहास में एक नई पहचान स्थापित की।
उनकी प्रारंभिक शिक्षा Jawahar Navodaya Vidyalaya में हुई। छात्र जीवन से ही वे मेधावी और अनुशासित रहे, जिसके बल पर उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की कठिन परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया।
प्रशासनिक दक्षता और जनसेवा के लिए मिली पहचान
अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान विक्रम कोइरी ने कई जिलों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। विशेष रूप से डिब्रूगढ़ के जिला आयुक्त (DC) के रूप में उनके कार्यों को व्यापक सराहना मिली। सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने, पारदर्शिता बनाए रखने तथा आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उनकी कार्यशैली को आदर्श माना गया।
उनकी इसी उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें वर्ष 2025 में असम सरकार द्वारा मुख्यमंत्री के प्रतिष्ठित Karmashree Award से भी सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार राज्य में प्रशासनिक उत्कृष्टता और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों को प्रदान किया जाता है।
युवाओं के लिए प्रेरणा
विक्रम कोइरी की सफलता यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ संकल्प एवं मेहनत के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। आज वे असम और विशेष रूप से बराक घाटी के युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुके हैं।
उनकी यह उपलब्धि काछाड़ जिले, बराक घाटी तथा पूरे असम के लिए गर्व का विषय है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों और स्थानीय लोगों ने उनकी इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।

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