शिलचर, 2 सितंबर:
करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से चल रहे सड़क विकास कार्य में कथित तौर पर घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल और अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। आरोपों को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री उन्नत पक्की पथ निर्माण योजना (MMUPPNA) के तहत श्रीकोना मोहनपुर से क्वारपार बाजार तक करीब 2.25 किलोमीटर सड़क के विकास का कार्य चल रहा है। इस परियोजना के लिए लगभग 2 करोड़ 89 लाख 88 हजार रुपये की राशि स्वीकृत होने की बात सामने आई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतनी बड़ी राशि आवंटित होने के बावजूद सड़क निर्माण में कथित रूप से निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही सड़क की मजबूती और टिकाऊपन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य की नियमित और प्रभावी निगरानी नहीं हो रही है। उनके अनुसार, संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अभियंता भी नियमित रूप से निर्माण स्थल पर मौजूद नहीं रहते। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि संबंधित अभियंता और ठेकेदार नियमित रूप से मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण करें और निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री के इस्तेमाल की निगरानी करें, तो कथित अनियमितताओं की गुंजाइश कम हो सकती है।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर नाराज स्थानीय लोगों ने विरोध जताते हुए काम रोकने का दबाव बनाया। उनका स्पष्ट कहना है कि सरकारी धन से होने वाले विकास कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
स्थानीय निवासियों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि कथित रूप से घटिया निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए, निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सड़क का निर्माण कराया जाए तथा परियोजना में इस्तेमाल की जा रही निर्माण सामग्री और अब तक हुए कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए।
अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि जांच में सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों की अनदेखी या घटिया सामग्री के इस्तेमाल की पुष्टि होती है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।