कथा सुनने का मन बनाने से ही श्रीकृष्ण हृदय में हो जाते हैं विराजमान :पुंडरीक गोस्वामी

गड़वार(बलिया)

श्री जंगली बाबा धाम ट्रस्ट गड़वार के तत्वाधान में आयोजित हरिहरात्मक महायज्ञ में वृन्दावन से पधारे अन्तर्राष्ट्रीय कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी ने मानस मंच से प्रवचन पंडाल में उपस्थित श्रोतागणों से योगेश्वर कृष्ण की महिमा सुनाई। उन्होंने हरे कृष्ण संकीर्तन के साथ कथा का शुभारंभ किया। पुंडरीक गोस्वामी ने कहा कि जब हम योग साधन करते है तब काम,क्रोध,भय आदि से मुक्ति मिल जाती है। जिस तरह समुद्र में उपरी सतह पर लहर होती है और अंदर नहीं होती हैं। इसी प्रकार जब आत्मज्ञान हो जाता है तो काम, क्रोध से मुक्ति मिल जाती है। उन्होंने कहा कि गंगा व यमुना नहाने से पाप कटता है,पुण्य मिलता है। इसी तरह से कथा सुनने का मन बनाने से ही श्रीकृष्ण उसके हृदय में विराजमान हो जाते हैं। पुंडरीक जी ने कहा कि कथा में भगवान चित्त में विराजमान होते हैं। सबसे पहले भगवान कान में आते हैं,फिर अनुभव में,उसके बाद बुद्धि में,फिर मन में,स्वभाव में, अनुभूति में,फिर हृदय में प्रवेश करते हैं। कहा कि कई बार हमें बोध नहीं होता है कि हमारे चित्त में भगवान हैं। जिस दिन यह आभास हो जाता है उस दिन से प्रेम ही बदल जाता है। कथा के दौरान भगवत गुणगान और मधुर भजनों की रसधारा में भक्त डूब गए। कई बार भक्त सुधबुध खोकर भजनों के स्वरलहरियों पर आनंदित होकर खूब झूमें। भावविभोर भक्तों के जयकारों से पंडाल गूंज उठा। वहीं यज्ञाचार्य सच्चा बाबा आश्रम प्रयागराज से पधारे गंगाधर जी के सानिध्य में समस्त वैदिक कार्य संपादित हो रहे हैं। वहीं यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने के लिए श्रद्धालुओं का सुबह से ही तांता लगा रहा। यज्ञ स्थल पर मेला सा नजारा देखने को मिल रहा हैं। श्री जंगली बाबा धाम सेवा ट्रस्ट के संयोजक पंडित राहुल उपाध्याय ने बताया कि यज्ञ को लेकर पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया हैं। कथा श्रवण के बाद प्रतिदिन भंडारे का आयोजन किया गया हैं। वहीं श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए थाना प्रभारी हितेश कुमार की देखरेख में पर्याप्त पुलिस बल तैनात हैं।

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