सिलचर, 4 नवंबर। कछार जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल भुवन पहाड़ स्थित महादेव मंदिर तक पहुंचना अब श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आसान हो सकता है। असम सरकार ने गंगानगर पार्ट-VII से भुवन पहाड़ महादेव मंदिर तक 2.80 किलोमीटर लंबे रोपवे के निर्माण की प्रस्तावित योजना को मंजूरी दी है। यह परियोजना राज्य में विकसित की जाने वाली पांच रोपवे परियोजनाओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को बताया कि असम कैबिनेट ने राज्य सरकार और नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) के बीच रोपवे विकास समझौते को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों तक संपर्क सुविधा बेहतर करना, शहरी यातायात का दबाव कम करना और पर्यटन को बढ़ावा देना है।
भुवन पहाड़ महादेव मंदिर तक रोपवे बनने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से पहाड़ी रास्ते से मंदिर तक पहुंचने वाले लोगों के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
राज्य में प्रस्तावित अन्य चार रोपवे परियोजनाओं में कामाख्या रेलवे स्टेशन से कामाख्या मंदिर (1.43 किलोमीटर), खानापाड़ा से गुवाहाटी रेलवे स्टेशन (11 किलोमीटर), दीमा हसाओ में जतिंगा बर्ड वाचिंग टावर से हेम्पेउपेट चोटी (3.50 किलोमीटर) तथा सोनितपुर में अग्निगढ़ से भैरबी मंदिर (1.80 किलोमीटर) शामिल हैं।
इन परियोजनाओं को NHLML राज्य सरकार के साथ मिलकर लागू करेगी। यह कंपनी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत परियोजना प्राधिकरण में केंद्र सरकार की 51 प्रतिशत और असम सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कामाख्या रेलवे स्टेशन-कामाख्या मंदिर रोपवे परियोजना का काम काफी आगे बढ़ चुका है, जबकि बाकी चार परियोजनाएं अभी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के शुरुआती चरण में हैं।