कछार (असम), 12 दिसंबर । कछार के पुलिस अधीक्षक नुमल महतो ने पांच पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। इन कर्मियों को कछार जिले के सुपारी तस्करों के साथ कथित सांठगांठ के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद निलंबित किया गया है। एसपी ने जिले से होते हुए दूसरे राज्य में जाने वाली तस्करी की सुपारी को जिला से पार करने की अनुमति देने के लिए पांचों कांस्टेबलों को निलंबित किया गया। जिला पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि पुलिसकर्मी डिगोरखाल चेक-पोस्ट पर तैनात थे और असम-मेघालय अंतरराज्यीय सीमा पर स्थित गुमराह पुलिस जांच केंद्र का हिस्सा थे। इन पुलिस कर्मियों की मदद से सुपारी से भरे एक ट्रक को शिबनगर के टोल गेट को पार करने की अनुमति दी गई। यह ट्रक दो कथित तस्करों का था। गेट पार करने के बाद, गुमराह थाना के प्रभारी अधिकारी ने वाहन का पीछा किया और मेघालय सीमा के पास उसे रोक लिया। पुलिस ने उस ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया, जिसने उन्हें तस्करों तक पहुंचाया था। दोनों तस्करों को गिरफ्तार किया गया और उनमें से एक पुलिस की गोलीबारी में घायल हो गया, जब उसने हिरासत से भागने की कोशिश की। पूछताछ के बाद पता चला कि ट्रक पुलिस कर्मियों की मदद से गुजरा था। इन पांचों कांस्टेबलों को गिरफ्तार कर लिया गया और सिलचर पुलिस स्टेशन लाया गया। नियमानुसार उन्हें को निलंबित कर दिया गया। पुलिस ने पुलिसकर्मियों से एक लाख 48 लाख रुपये जब्त किए। जांच से पता चला कि यह नकदी उन्हें रिश्वत के रूप में दी गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुब्रत सेन ने बाद में मीडिया को बताया कि जब तस्करों को पकड़ा जा रहा था तो हाथापाई में एक पुलिस कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका सिलचर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में इलाज चल रहा है।