ईमानदारी और मानवता की पेश की मिसाल, असली मालिक ने जताया आभार
हीरक बनिक, रामकृष्णनगर, 3 अक्टूबर:
आज के दौर में जहां अक्सर खोई हुई वस्तुओं को लेकर तरह-तरह की घटनाएं सामने आती हैं, वहीं रामकृष्णनगर क्षेत्र में एक ऑटो चालक ने अपनी ईमानदारी और मानवता से समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। सड़क पर पड़ा मिला एक मोबाइल फोन अपने पास रखने के बजाय उसकी पहचान सुनिश्चित कर उसे वास्तविक मालिक के हाथों वापस सौंप दिया ऑटो चालक अरुण नमःशूद्र ने।अरुण नमःशूद्र आनंदपुर जीपी के छोटकोना गांव के निवासी हैं और पेशे से ऑटो चालक हैं। शनिवार सुबह वह अपने ऑटो से रामकृष्णनगर की ओर जा रहे थे। उन्हें अपने वाहन में कुछ काम करवाने के लिए मैकेनिक की दुकान पर जाना था। इसी दौरान चामेला बाजार ब्रिज पार करने के बाद उनकी नजर सड़क पर पड़े एक मोबाइल फोन पर पड़ी।अरुण ने तुरंत अपना ऑटो रोका और मोबाइल फोन को सुरक्षित अपने पास रख लिया। कुछ देर बाद पास में खड़े एक अन्य ऑटो से दो युवक उनके पास आए और मोबाइल फोन पर अपना अधिकार जताने लगे। अरुण ने उनसे मोबाइल का पासवर्ड बताने को कहा, लेकिन वे सही पासवर्ड नहीं बता सके। इसके बाद संबंधित ऑटो चालक भी वहां पहुंचा, लेकिन वह भी मोबाइल का पासवर्ड नहीं बता पाया।मामला संदिग्ध लगने पर अरुण ने स्पष्ट कर दिया कि यदि वास्तविक मालिक का पता नहीं चला तो वह मोबाइल फोन पुलिस थाने में जमा कर देंगे। इसी बीच मोबाइल फोन पर लगातार कई फोन आने लगे। अरुण ने फोन करने वालों से भी मोबाइल की पहचान और पासवर्ड संबंधी जानकारी मांगी, लेकिन जब तक वास्तविक मालिक की पहचान सुनिश्चित नहीं हुई, उन्होंने किसी को भी मोबाइल सौंपने से इनकार कर दिया। बाद में अरुण ने स्वयं प्रयास करके मोबाइल का पासवर्ड खोल लिया। इसी दौरान मोबाइल के वास्तविक मालिक ने फोन किया। फोन पर उन्होंने अपना नाम आमिर उद्दीन बताया। उन्होंने बताया कि वह बाजारघाट गोलालकांदी से गामारिया स्थित अपनी बहन के घर जा रहे थे। रास्ते में किसी स्थान पर उनका मोबाइल गिर गया था। काफी तलाश करने के बाद भी मोबाइल नहीं मिला तो उन्होंने अपने नंबर पर फोन किया, जिसे अरुण ने उठाया। अरुण ने आमिर उद्दीन से कहा कि वह रामकृष्णनगर आकर उनसे संपर्क करें और अपना मोबाइल वापस ले जाएं। इसके बाद आमिर उद्दीन रामकृष्णनगर पहुंचे और अरुण नमःशूद्र से अपना मोबाइल फोन वापस प्राप्त किया। मोबाइल मिलने के बाद आमिर उद्दीन ने अरुण का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “मुझे पता ही नहीं चला कि रास्ते में मेरा मोबाइल कहां गिर गया। जब मैंने अपने नंबर पर फोन किया तो अरुण दादा ने फोन उठाया और मुझे रामकृष्णनगर आकर मोबाइल ले जाने को कहा। कई लोगों ने उन्हें फोन किया, लेकिन उन्होंने पहचान सुनिश्चित किए बिना किसी को मोबाइल नहीं दिया। ऐसे ईमानदार इंसान का मिलना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मैं उनका दिल से धन्यवाद करता हूं।” स्थानीय निवासी प्रणब पाल ने भी अरुण नमःशूद्र की ईमानदारी की सराहना की। उन्होंने कहा, “अरुण काका जैसे ईमानदार लोग आज भी समाज में मौजूद हैं, इसलिए लोगों के बीच विश्वास और मानवता कायम है। मैं अपनी ओर से उन्हें हृदय से धन्यवाद देता हूं।” स्थानीय लोगों का कहना है कि अरुण नमःशूद्र का यह कदम केवल एक खोया हुआ मोबाइल उसके मालिक को वापस लौटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ईमानदारी, नैतिक जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों का एक प्रेरणादायक उदाहरण है। एक साधारण ऑटो चालक होते हुए भी अरुण ने यह साबित कर दिया कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, ईमानदारी और मानवता को प्राथमिकता दी जाए तो समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाया जा सकता है। स्थानीय लोगों ने अरुण नमःशूद्र के इस सराहनीय कार्य के लिए उन्हें धन्यवाद देते हुए उनके और उनके परिवार के सुख-शांति एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।