सिलचर, 5 अक्टूबर : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) सिलचर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित सातवां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन डॉ. भूपेन हजारिका ऑडिटोरियम में रविवार को शुरू हुआ। उदघाटन सम्मेलन दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ आरंभ हुआ ! इस सम्मेलन के संयोजक डॉ. सुदीप्ता हलदार ने बताया कि 4 दिन चलने वाले इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे नवाचारों को एक मंच पर लाना है। इस बार देशभर के आईआईटी, एनआईटी और अन्य प्रमुख संस्थानों से 101 शोध पत्र स्वीकार किए गए हैं। उद्घाटन समारोह के दौरान स्मारिका का विमोचन भी किया गया। आयोजकों के अनुसार स्वीकृत शोध पत्रों को अंतरराष्ट्रीय जर्नल और प्रोसीडिंग्स के रूप में प्रकाशित किया जाएगा। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में आईआईटी खड़गपुर के पूर्व उप-निदेशक एवं जादवपुर विश्वविद्यालय और बिट्स पिलानी के पूर्व कुलपति प्रो. एस. भट्टाचार्य उपस्थित रहे। प्रो. दिलीप कुमार बैद्य, निदेशक, एनआईटी सिलचर , प्रो. सौविक भट्टाचार्य, प्रधान सलाहकार, हेरिटेज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, कोलकाता – मुख्य अतिथि , प्रो. राकेश सहगल, प्रोफेसर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग एवं डीन आरसी, एनआईटी हमीरपुर – विशिष्ट अतिथि , प्रो. बिजॉय भट्टाचार्य, एमेरिटस प्रोफेसर एवं आईएनएई विशिष्ट प्रोफेसर, एमसीकेवी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग – सम्मानित अतिथि , डॉ. बनश्री चंदा, वैज्ञानिक-डी, सीएसआईआर-सेंट्रल ग्लास एंड सिरेमिक रिसर्च इंस्टीट्यूट, कोलकाता – आमंत्रित अतिथि , डीन आरसी, एनआईटी सिलचर, प्रो. राबुल हुसैन लस्कर , डॉ. सुदीप्त हालदार, संयोजक, आईसीआरएएमई 2026 एवं विभागाध्यक्ष, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग, एनआईटी सिलचर , एनआईटी सिलचर और देशभर से आए सभी संकाय सदस्य एवं प्रतिभागी भी मौजूद रहें।
संयोजक ने कहा कि एक मशीन के निर्माण में एडवांस टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस मैटेरियल, रक्षा और अंतरिक्ष इंजीनियरिंग जैसी कई तकनीकों की जरूरत होती है। यह सम्मेलन इन्हीं तकनीकों को जोड़कर समाज के लिए उपयोगी एडवांस सिस्टम विकसित करने पर केंद्रित है।
कार्यक्रम का संचालन आयोजन सचिव डॉक्टर अभिषेक पॉल ने किया !
इस उद्घाटन समारोह के अंत में राष्ट्रीय गान गाकर समारोह का समापन किया गया !