एएमसीएच ने मनाया ८०वां स्थापना दिवस, चिकित्सा क्षेत्र में गौरवशाली योगदान के आठ दशक पूरे

[स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल ने समारोह में लिया हिस्सा; चिकित्सा बुनियादी ढांचे, अनुसंधान और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर दिया जोर]

डिब्रूगढ़: असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एएमसीएच), डिब्रूगढ़ ने मंगलवार को अपना ८०वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर असम और पूर्वोत्तर भारत में चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान तथा स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में संस्थान के आठ दशकों के उल्लेखनीय योगदान को याद किया गया।

३ नवंबर, १९४७ को स्थापित एएमसीएच को पूर्वोत्तर भारत के सबसे पुराने मेडिकल कॉलेज होने का गौरव प्राप्त है। हालांकि, संस्थान का ऐतिहासिक सफर वर्ष १९०० से शुरू होता है, जब डॉ. जॉन बेरी व्हाइट ने डिब्रूगढ़ में बेरी व्हाइट मेडिकल स्कूल की स्थापना की थी। इसी संस्थान ने इस क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा शिक्षा की नींव रखी।

असम के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अशोक सिंघल ने समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया और डॉ. जॉन बेरी व्हाइट ऑडिटोरियम में आयोजित खुले सत्र में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान को शुभकामनाएं देते हुए एएमसीएच को असम के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि संस्थान की गौरवशाली विरासत राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विकास से गहराई से जुड़ी हुई है।

सभा को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि पिछले आठ दशकों में एएमसीएच चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। इस संस्थान ने डॉक्टरों की कई पीढ़ियों को तैयार किया है, चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा दिया है तथा पूरे क्षेत्र के असंख्य लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की हैं।

संस्थान की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने के महत्व पर जोर देते हुए सिंघल ने चिकित्सा संस्थान की क्षमताओं को मजबूत करने, आधुनिक चिकित्सा तकनीकों को अपनाने, चिकित्सा अनुसंधान एवं शिक्षा को प्रोत्साहित करने और सभी लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

खुले सत्र के दौरान एएमसीएच के प्राचार्य-सह-मुख्य अधीक्षक डॉ. संजीब काकती ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें संस्थान की उपलब्धियों और विभिन्न गतिविधियों का उल्लेख किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के संबोधन, स्मारिका का विमोचन तथा उत्कृष्ट उपलब्धियों और योगदान के लिए सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया।

समारोह में विधायक प्रशांत फूकन और तरंगा गोगोई सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। उन्होंने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर संस्थान के चिकित्सकों, प्राध्यापकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और पूरे एएमसीएच परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

अपने दौरे के दौरान सिंघल ने एएमसीएच परिसर में स्थित सरकारी डेंटल कॉलेज और डिब्रूगढ़ कैंसर सेंटर का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश जारी कर इस अवसर पर डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, विद्यार्थियों और असम की जनता को शुभकामनाएं दीं। एएमसीएच को पूर्वोत्तर भारत में चिकित्सा शिक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं का एक गौरवशाली केंद्र बताते हुए उन्होंने कहा कि इस संस्थान ने दशकों के दौरान हजारों कुशल डॉक्टर तैयार किए हैं तथा चिकित्सा विज्ञान और स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, एम्स गुवाहाटी जैसे संस्थानों के विकास और उन्नत कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के सरकार के प्रयासों का भी उल्लेख किया।

डिब्रूगढ़ के विधायक प्रशांत फूकन ने भी एएमसीएच परिवार को बधाई देते हुए संस्थान को असम के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की एक अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने संस्थान के बुनियादी ढांचे, अनुसंधान सुविधाओं और चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

समारोह का समापन एएमसीएच परिसर को आकर्षक रोशनी से सजाने और सांस्कृतिक संध्या के आयोजन के साथ हुआ। इस प्रकार संस्थान ने अपनी गौरवशाली ८० वर्षों की यात्रा को गर्व और उत्साह के साथ मनाया।

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