उधारबंद, 25 जुलाई। निहार कांति राय
उल्टे रथ के अवसर पर शुक्रवार को उधारबंद की सड़कों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। रथयात्रा के आठ दिन बाद आयोजित होने वाले इस पर्व को स्थानीय स्तर पर ‘फिरा रथ’ भी कहा जाता है। मान्यता के अनुसार, भगवान जगन्नाथ आठ दिनों तक अपनी मौसी के घर निवास करने के बाद नवें दिन पुनः अपने धाम लौटते हैं।
रथयात्रा की तरह ही उल्टे रथ को लेकर भी श्रद्धालुओं में खासा उत्साह और उमंग देखने को मिली। शुक्रवार को मौसम अनुकूल रहने के कारण उधारबंद के विभिन्न अखाड़ों और मंडपों में दिनभर आध्यात्मिक माहौल बना रहा। जगह-जगह विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
उधारबंद जगन्नाथ सिंह कॉलेज के समीप स्थित इस्कॉन भक्त दीप भट्टाचार्य के आवास पर भी रथयात्रा के उपलक्ष्य में विशेष आयोजन किया गया। यहां श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई थी। शाम को दीप भट्टाचार्य के आवास से भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा को लेकर सुसज्जित रथ निकाला गया। शंखध्वनि और उलुध्वनि के बीच श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सी खींचकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लिया। रथ ब्रिज रोड होते हुए महादेवबाड़ी क्षेत्र तक गया और वहां से वापस दीप भट्टाचार्य के आवास पर लौट आया। इस दौरान लगातार संकीर्तन चलता रहा।
दीप भट्टाचार्य ने ‘सागरीका’ के प्रतिनिधि निहार कांति राय को बताया कि इस वर्ष उनके आवास पर आयोजित रथयात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और सभी ने उत्साहपूर्वक धार्मिक आयोजन में भाग लिया।
इसी दिन दिवंगत गौरी शर्मा के मंडप से भी भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा के साथ सुसज्जित रथ निकाला गया। यह रथ उधारबंद डायट से होते हुए उजानग्राम तक गया। इसके बाद पोस्ट ऑफिस रोड, कालीबाड़ी रोड होते हुए पुनः मंडप में लौट आया। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर रथ रोककर आरती और पूजा-अर्चना की गई।
रथयात्रा संचालन समिति के अध्यक्ष निरेश्वर सिंह ने कहा कि उनके यहां आयोजित रथयात्रा में आनंद के साथ-साथ गहरी धार्मिक आस्था भी जुड़ी हुई है। इसी कारण पिछले कई दशकों से परंपरागत रूप से श्रद्धा और भक्ति के साथ रथयात्रा निकाली जाती है। रथयात्रा के समापन पर श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद वितरित किया गया। उधारबंद के विधायक राजदीप गोआला के प्रतिनिधि के रूप में प्रणव आचार्य ने भी रथयात्रा में हिस्सा लिया।
वहीं, कालाचांद अखाड़ा से गोपाल अखाड़ा के महाप्रभु तथा भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं को लेकर एक भव्य रथ निकाला गया। रथ ने उधारबंद की प्रमुख सड़कों का परिक्रमा किया। इस दौरान श्रद्धालु कृष्ण नाम और भक्ति गीतों में लीन रहे।
उल्टे रथ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन विशेष रूप से सतर्क रहा। उधारबंद थाना प्रभारी चिरंजीत बोरा के निर्देश पर प्रत्येक रथ के साथ पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। पुलिस प्रशासन की सतर्कता के चलते सभी रथयात्राएं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुईं। इसके लिए उधारबंद के लोगों ने पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।