शिलचर, 5 जून: पवित्र ईद-उल-अजहा के मौके पर असम के शिलचर और आसपास के इलाकों में आई भीषण बाढ़ ने स्थानीय लोगों के लिए त्योहार की खुशियों पर पानी फेर दिया है। खासकर कछार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। बाढ़ की वजह से कई घर जलमग्न हो गए हैं और लोग विभिन्न स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। इस मुश्किल समय में शारीरिक रूप से अक्षम लोग और अधिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
ऐसे समय में लायंस क्लब इंटरनेशनल दक्षिण मुंबई के अध्यक्ष प्रिंस विश्वास जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आए। गुरुवार को उन्होंने शिलचर के घनियाला इलाके में पहुँचकर कछार विकलांग एसोसिएशन के 50 से अधिक दिव्यांगजनों को राहत सामग्री और ईद के विशेष किट वितरित किए।
प्रिंस विश्वास ने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में भी वे बराक घाटी के असहाय और पीड़ित लोगों की मदद करते रहेंगे। इस मौके पर उन्होंने कहा, “मानवता सबसे बड़ा धर्म है। इस बाढ़ संकट में दिव्यांगजनों की जरूरतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह हमारा फर्ज है कि हम उनके साथ खड़े हों।”
इस कार्यक्रम के दौरान कछार विकलांग एसोसिएशन की ओर से एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें सरकार से दिव्यांगजनों को सरकारी नौकरी में अवसर देने, ‘अरुणोदय योजना’ का लाभ दिलाने और उनकी मासिक पेंशन को ₹5000 तक बढ़ाने की मांग की गई।
इस अवसर पर एसोसिएशन की अध्यक्ष फरीदा चौधरी, अधिवक्ता रोशन लश्कर और लायंस क्लब इंटरनेशनल दक्षिण मुंबई के अध्यक्ष प्रिंस विश्वास सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।