इंस्टिट्यूट के प्रेशर और लापरवाही के वज़ह से छात्र आदित्य का जान गया है, डायरेक्टर को इस्तीफा देना होगा –देवेन्द्र नाथ महतो, छात्र नेता 

झारखंड आईआईटी रांची का मामला

अनिल मिश्र/रांची 

ट्रिपल (आइटी) रांची के प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार की आत्महत्या के मामले में न्याय की माँग को लेकर संस्थान परिसर, खेलगाँव में चल रहे छात्र आंदोलन को आज छात्र नेता, सोशल रिफॉर्मर,आइजेएलकेएम  केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष झारखंड के सोनम वांगचुक , दिशुम वीर बाबु देवेन्द्र नाथ महतो ने समर्थन दिया। उनके पहुँचते ही आंदोलनरत छात्रों का उत्साह और मनोबल बढ़ा।देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि आदित्य की मौत के मामले में शैक्षणिक दबाव, संस्थान की कार्यप्रणाली और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की भूमिका की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद लिफ्ट, एम्बुलेंस, चालक, मेडिकल टीम और ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर समस्याएँ सामने आईं, जिनकी जाँच आवश्यक है।इस बीच उन्होंने कहा कि गरीब परिवार कर्ज लेकर बच्चों को प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों पर आर्थिक और शैक्षणिक दबाव को समझना तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना संस्थान की जिम्मेदारी है।

प्रस्तावित वार्ता से इंस्टिट्यूट के चेयरपर्सन अनिल भट्ट के भागने पर पर उन्होंने असंतोष जताया और निदेशक राहुल श्रीवास्तव के इस्तीफे, निष्पक्ष जाँच तथा संस्थान प्रशासन की जवाबदेही की माँग का समर्थन किया।

देवेन्द्र नाथ महतो ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि वे हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों को न्याय नहीं मिला, डायरेक्टर इस्तीफा में देर किया और माँगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को पूरे झारखंड में व्यापक रूप दिया जाएगा और देशभर के विद्यार्थियों के बीच यह मुद्दा उठाया जाएगा।आपको बताते चलें कि ट्रिपल आइटी रांची के छात्र आदित्य कुमार (19 वर्ष) की मौत के मामले में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन भी छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। खेलगांव हाउसिंग कांप्लेक्स स्थित हॉस्टल परिसर में छात्र धरने पर बैठे हैं और वे संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।छात्रों का कहना है कि जब तक निदेशक इस्तीफा नहीं देते और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।इस बीच छात्रों के प्रदर्शन के बीच मंगलवार सुबह करीब ग्यारह बजे ट्रिपल आइटी के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस के चेयरमैन लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट छात्रों से बातचीत करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि छात्रों की बातें और उनकी समस्याएं सुनी गयी हैं और उन्हें मंत्रालय तक पहुंचा दिया गया है। मंत्रालय की ओर से इस मामले में कदम उठाते हुए एक जांच कमेटी भी गठित की गयी है। चेयरमैन ने छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसी भी छात्र-छात्रा के साथ गलत नहीं होने दिया जायेगा।संस्थान में जो भी खामियां हैं, उन्हें दूर करने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मामले की प्रगति की नियमित जानकारी ली जायेगी।इस बीच कमेटी मेंअलग-अलग संस्थानों के प्रोफेसरों को शामिल किया गया है। यह कमेटी छात्रों की ओर से उठाये गये सभी मुद्दों की जांच करेगी. इसके लिए कमेटी के सदस्य रांची आकर छात्रों से बातचीत करेंगे और उनकी शिकायतें सुनेंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी। हालांकि, छात्र जांच कमेटी गठित होने के बावजूद आंदोलन समाप्त करने को तैयार नहीं हैं।उनकी मुख्य मांग संस्थान के निदेशक का इस्तीफा है।छात्र मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहे है।इस बीच आज मंगलवार दोपहर छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो छात्रों के समर्थन में पहुंचे। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि एकेडमिक प्रेशर और संस्थान की अव्यवस्था के कारण उनके एक साथी की जान गयी है।

 इसकी जिम्मेदारी लेते हुए निदेशक को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब यह राष्ट्रीय स्तर का संस्थान रांची में आया था, तब लोगों को उम्मीद थी कि यहां के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।लेकिन संस्थान की अव्यवस्था के कारण छात्र-छात्राओं की परेशानियों की शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं।वहीं, देवेंद्रनाथ महतो के संबोधन के दौरान चेयरमैन लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट वहां से उठकर चले गये। बताया गया कि उन्होंने किसी अन्य व्यक्ति की मौजूदगी में छात्रों से बातचीत नहीं करने की बात कही। बाद में छात्रों ने देवेंद्रनाथ महतो को बातचीत से अलग कर दिया। हालांकि, वे कैंपस में ही मौजूद रहे. इधर, छात्र हॉस्टल परिसर में धरने पर बैठे रहे और निदेशक के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।

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