शंकरी चौधुरी, हाइलाकांदी, 30 मार्च:


1) विक्रेता के भुमिका में कांग्रेस उम्मीदवार राहुल राय।
आसन्न विधानसभा चुनावों को लेकर हाइलाकांदी जिले में राजनीतिक माहौल जम रहा है। चुनाव मैदान में उम्मीदवारों का प्रचार जोरों पर है। इस वार का चुनाव हाइलाकांदी विधानसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस उम्मीदवारों के बीच द्विमुखी मुकाबला होगा।
इन दोनों दलों के उम्मीदवारों ने लोगों तक पहुंचने के लिए ज़ोरदार प्रचार चला रहा है। भाजपा प्रार्थी
ड. मिलन दास शहर से लेकर ग्रामांचल तक घूम रहे हैं। हर दिन जनसभा करने के अलावा वह घर-घर जाकर भी प्रचार कर रहे हैं। वह लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस उम्मीदवार राहुल राय वोटरों को आकर्षित करने के लिए अलग-अलग प्रचार पंथा अपना रहे हैं। कभी वह कीर्तनिया की भूमिका में तो कभी विस्कुट विक्रेता के रूप में, तो कभी किसी दुकान में पकौड़े तलती हुई नजर आती हैं। वह सोशल मीडिया के माध्यम से खुद को लोकप्रिय बनाने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा, उन्होंने मीडिया के सामने विवादित मंतव्य करके लाइमलाइट में आने की कोशिश की, लेकिन यह काम में नहीं आया। जनता के दबाव में आकर आखिरकार उन्होंने प्राय माफी मांग कर उन्हें रिहा मिला। इधर, मनोनयन दाखिल करते समय भाजपा प्रार्थी ड. मिलन दास के साथ दल के राज्यिक अध्यक्ष दिलीप सैकिया, करीमगंज के सांसद कृपानाथ माला सहित भाजपा के नेताओं उपस्थित थे। यहां तक कि पूर्व मंत्री गौतम राय ने भी उस दिन उपस्थित रहकर ड. मिलन दास के लिए प्रचार किया। इसके अलावा, भाजपा नेताओं ने भी दलीय उम्मीदवार के लिए ज़ोरदार प्रचार चला रहे हैं। उल्लेखनीय है कि, भाजपा उम्मीदवार ड. मिलन दास ने 2021 के आसाम विधानसभा चुनाव में हाइलाकांदी विधानसभा क्षेत्र से पहली बार चुनाव लड़ा था। उस साल, वह हाइलाकांदी विधानसभा क्षेत्र में एआईयुडिएफ उम्मीदवार जाकिर हुसैन लस्कर से 23,754 वोटों के अंतर से हार गए।
तब से वे एक के बाद एक भाजपा के जिला और राज्य स्तर पर संगठन के काम में शामिल रहे हैं। इधर, कांग्रेस उम्मीदवार राहुल राय 2006 में आलगापुर विधानसभा सीट से चुने गए और 2011 तक विधायक रहे। वह कांग्रेस सरकार के प्रभावशाली मंत्री गौतम राय और पूर्व विधायक मंदिरा राय के बेटे हैं। हालांकि उन्हें कांग्रेस विधायक स्वर्गीय संतोष कुमार राय के पोते के तौर पर जाना जाता है, लेकिन लोगों के अनुसार लोकप्रियता के ओर से वे काफी पीछे हैं।
इसके अलावा, कांग्रेस के एक समय के पूर्व प्रभावशाली मंत्री गौतम राय ने अपने बेटे राहुल राय उम्मीदवार होने के बावजूद भी प्रचार नहीं किया, क्योंकि वह अब भाजपा के सदस्य हैं। इसके बजाय, वह भाजपा के ड. मिलन दास के साथ दे रहा है। राजनैतिक विश्लेषकों का अभिमत है कि उन्हें ज़्यादा जन समर्थन नहीं मिल रहा है, भले ही उनके अपने व्यक्तित्वशाली पिता का प्रकाश्य समर्थन नहीं है।
इस बीच, राजनीतिक माहौल का मानना है कि चुनावी खेल बदल गया है क्योंकि डिलिमिटेशन के बाद हाइलाकांदी विधानसभा क्षेत्र में हिंदू वोटरों की संख्या ज़्यादा है। डिलिमिटेशन से पहले, 2021 के आसाम विधानसभा चुनाव में एआईयुडिएफ उम्मीदवार जाकिर हुसैन लस्कर ने 71,057 वोट हासिल करके जीत हासिल की थी। भाजपा उम्मीदवार मिलन दास को 47,303 वोट मिले। विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा उम्मीदवार ड. मिलन दास के हाइलाकांदी विधानसभा सीट पर जीतने की संभावना है, क्योंकि डिलिमिटेशन के बाद यहां हिंदू वोटर्स की संख्या ज़्यादा है। इस विधानसभा क्षेत्र में लगभग 1,43,000 हिंदू वोटर हैं, जिसकी आबादी लगभग 220,000 है। नतीजतन, इस सीट के उम्मीदवारों की किस्मत हिंदू वोटरों पर निर्भर करती है। प्रसंगत उल्लेखनीय है कि 1991 के विधानसभा चुनाव में भाजपा विधायक चितेंद्र नाथ मजूमदार (दिवंगत) के बाद से पार्टी का और कोई उम्मीदवार हाइलाकांदी विधानसभा सीट से जीत नहीं पाया है। हालांकि, इस बार पार्टी के नेता और कार्यकर्ता पार्टी उम्मीदवार को जिताने के लिए पूरे जोश के साथ चुनाव मैदान में उतरे हैं।


2) चुनाव प्रचार के दौरान जनता के बीच भाजपा उम्मीदवार ड. मिलन दास।