“आपका जीवन सिर्फ आपका नहीं” — उधारबंद में सड़क सुरक्षा रैली के माध्यम से सांसद परिमल शुक्लवैद्य का जन-जागरूकता संदेश

“आपका जीवन सिर्फ आपका नहीं” — उधारबंद में सड़क सुरक्षा रैली के माध्यम से सांसद परिमल शुक्लवैद्य का जन-जागरूकता संदेश

उधारबंद, 23 जनवरी:
“आपका जीवन केवल आपका नहीं है, उससे आपका परिवार, समाज और राष्ट्र जुड़ा है। आपका जीवन देश की अमूल्य पूंजी है, इसलिए इसे असमय समाप्त न होने दें।”
यह भावुक और सशक्त संदेश गुरुवार को उधारबंद मंडल में आयोजित पथ यात्रा–पथ संदेश (सड़क सुरक्षा जागरूकता) रैली के दौरान सिलचर के सांसद परिमल शुक्लवैद्य ने दिया।

भारतीय जनता पार्टी, उधारबंद मंडल के प्रबंधन में आयोजित इस रैली में सांसद शुक्लवैद्य ने स्पष्ट किया कि यद्यपि वे प्रतिदिन भाजपा का झंडा लेकर चलते हैं, लेकिन यह रैली पूरी तरह गैर-राजनीतिक है। इसमें कोई दलगत झंडा नहीं, बल्कि केवल सड़क सुरक्षा से जुड़े बैनर और संदेश हैं। उन्होंने कहा कि वे यहां राजनीति करने नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा का संदेश देने आए हैं।

सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट संकल्प है कि देश में एक भी व्यक्ति की जान असमय न जाए। इसी उद्देश्य से कछार जिले के 162 ग्राम पंचायतों में इस प्रकार की सड़क सुरक्षा रैलियों और पथ सभाओं का आयोजन किया जा रहा है।

रैली की शुरुआत श्री श्री कांचा कांती माता मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर की गई। इस अवसर पर सांसद ने कहा कि पहले सिलचर से कुम्भीरग्राम की यात्रा कष्टदायक थी, लेकिन अब सड़क के सिंगल लेन से डबल और फिर फोर लेन बनने से यात्रा सुगम और आनंददायक हो गई है।

सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए सांसद शुक्लवैद्य ने कहा कि देश में हर वर्ष लगभग 4.60 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें करीब 1.72 लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है। इनमें से 70 प्रतिशत मृतक 0 से 45 वर्ष आयु वर्ग के युवा होते हैं—वे युवा जो समाज और देश को बहुत कुछ दे सकते थे, लेकिन थोड़ी-सी असावधानी के कारण असमय काल का ग्रास बन जाते हैं।

उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन, हेलमेट का प्रयोग न करना, सीट बेल्ट न लगाना, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन चलाना और नशे की हालत में ड्राइविंग—यही दुर्घटनाओं के मुख्य कारण हैं। दुर्घटना के बाद हम भगवान या अल्लाह को दोष देते हैं, जबकि सृष्टिकर्ता किसी की जान असमय नहीं लेते। वाहन मनुष्य ने बनाए हैं, और जब मनुष्य इन्हें लापरवाही से चलाता है, तो वही वाहन घातक बन जाते हैं।

बाइक सवारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आप लाखों रुपये की बाइक खरीद सकते हैं, लेकिन हेलमेट पहनना आपको कठिन लगता है। दुर्घटना होने पर फिर पुलिस और डॉक्टरों को दोष दिया जाता है, जबकि डॉक्टर ईश्वर नहीं हैं कि हर बार जान बचा सकें।”

सांसद ने लोगों से अपील की कि वे सड़क सुरक्षा कानूनों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, मोबाइल फोन हाथ में लेकर वाहन न चलाएं और नशे की हालत में कभी भी ड्राइविंग न करें। इन नियमों का पालन करने से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

इस अवसर पर पूर्व मंडल अध्यक्ष नबरुण चक्रवर्ती, जयज्योति डे, मिठुन नाथ, विश्वजीत दास, जिला परिषद सदस्य रोहित सिंह ने भी अपने विचार रखे।
बाइक रैली में हेमांग शेखर दास, सुरेंद्र कुमार सिंह, मंडल अध्यक्ष उमा शंकर भट्टाचार्य, मंडल ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष दीपक ग्वाला, युवा मोर्चा अध्यक्ष विप्लव दास सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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