बड़खला में तीन में से दो वेसल टैंक खराब, तीसरे की वैधता 24 सितंबर तक; सांसद कनाद पुरकायस्थ व विधायक किशोर नाथ ने प्रबंधन से की बातचीत
शिलचर, 25 अगस्त: कछार जिले के बड़खला स्थित इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के एलपीजी बॉटलिंग प्लांट पर तकनीकी संकट के कारण अस्थायी रूप से बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। प्लांट में मौजूद तीन वेसल टैंकों में से दो के खराब हो जाने तथा तीसरे वेसल की वैधता आगामी 24 सितंबर तक ही होने के कारण सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए प्लांट को कुछ समय के लिए बंद रखना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में लगभग छह महीने तक उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
प्लांट के संभावित बंद होने की खबर से वहां कार्यरत कर्मचारियों और श्रमिकों में अपने रोजगार एवं आर्थिक भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि लंबे समय तक प्लांट बंद रहा और इस दौरान वेतन-भत्ते रोक दिए गए, तो उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
इसी चिंता को लेकर श्रमिकों ने राज्यसभा सांसद कनाद पुरकायस्थ तथा बड़खला विधानसभा क्षेत्र के विधायक किशोर नाथ से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा और मामले में हस्तक्षेप की मांग की। श्रमिकों ने स्पष्ट कहा कि तकनीकी कारणों से यदि उत्पादन अस्थायी रूप से बंद करना आवश्यक हो, तो बंदी की अवधि में उनका मासिक वेतन एवं अन्य निर्धारित भत्ते जारी रखे जाने चाहिए।
श्रमिकों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सांसद कनाद पुरकायस्थ और विधायक किशोर नाथ ने मंगलवार को IOCL प्लांट के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में IOCL के DGM राजज्योति दास, प्लांट मैनेजर पी. चकमा समेत अन्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद थे।
बैठक के दौरान सांसद और विधायक ने कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि यदि तकनीकी और सुरक्षा कारणों से प्लांट में उत्पादन अस्थायी रूप से रोकना पड़ता है, तो इसका खामियाजा कर्मचारियों को आर्थिक रूप से नहीं भुगतना चाहिए। उन्होंने प्रबंधन से बंदी की संभावित अवधि में कर्मचारियों के वेतन-भत्ते जारी रखने के लिए उचित व्यवस्था करने का आग्रह किया।
कर्मचारियों ने कहा कि प्लांट बंद होने की स्थिति में वे प्रत्यक्ष रूप से काम से वंचित हो जाएंगे। ऐसे में नियमित वेतन-भत्ते जारी रहना उनके और उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्लांट के रखरखाव और सुरक्षा संबंधी कार्यों के दौरान कर्मचारियों के हित में संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की।
सांसद कनाद पुरकायस्थ और विधायक किशोर नाथ ने आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष भी उठाएंगे और समाधान के लिए आवश्यक पहल करेंगे। दो वेसल टैंकों के खराब होने तथा तीसरे की वैधता अवधि समाप्त होने के करीब होने के कारण प्लांट की स्थिति फिलहाल बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
अब कर्मचारियों की निगाहें IOCL प्रबंधन के निर्णय पर टिकी हैं। श्रमिकों को उम्मीद है कि संभावित अस्थायी बंदी के दौरान भी उनके वेतन-भत्ते जारी रखने के संबंध में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, ताकि तकनीकी संकट का आर्थिक बोझ उनके परिवारों पर न पड़े।