असम सरकार का बड़ा फैसला: चाय श्रमिकों को मिला अपने घर का मालिकाना हक, चरगोला चाय बागान में खुशी की लहर

श्रीभूमि, 29 नवंबर — असम सरकार द्वारा चाय श्रमिकों को उनके निवास स्थान का मालिकाना हक देने के ऐतिहासिक फैसले के बाद चरगोला चाय बागान में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। लंबे समय से भूमि अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे श्रमिकों को जब यह अधिकार प्राप्त हुआ, तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे।

चरगोला चाय बागान के विकास धोबी, श्रीमती रीना कानू, विष्णु धारी माला, राजेंद्र गोस्वामी सहित सैकड़ों श्रमिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया और स्थानीय विधायक विजय मालाकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

श्रमिकों ने कहा कि यह कदम न केवल उनके जीवन में सुरक्षा की भावना लाएगा, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्थायी आधार भी प्रदान करेगा। अब वे अपने घरों में मरम्मत, विस्तार और सुविधाओं के विकास के प्रति निश्चिंत होकर आगे बढ़ सकेंगे।

स्थानीय विधायक विजय मालाकार ने बताया कि सरकार चाय श्रमिक समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मालिकाना हक मिलने के बाद अब इन इलाकों में सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास को भी तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा।

सरकार का यह निर्णय चाय बागानों में रहने वाले मजदूर परिवारों के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है, और चरगोला चाय बागान की खुशियों से साफ है कि यह बदलाव उन्हें नए जीवन की राह दिखा रहा है।

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