असम गैस कंपनी निगम (एजीसीएल) द्वारा शिलचरवासियो के प्रति उपेक्षा।

बराकघाटी में पर्याप्त प्राकृतिक गैस का भंडार है जिसका सटीक से उपयोग होने से इस क्षेत्र की अर्थनीति में उल्लेखनीय परिवर्तन दिखाई देगी। दुर्भाग्य से इस बहुमूल्य प्राकृतिक गैस को उपयोग लाने में कोई भी प्रभावी कदम उठाया नही जा रहा है।ऐसा प्रतीत हो रहा कि असम के इस क्षेत्र के निवासियो के संग भेदभाव किया जा रहा है। भारत सरकार की पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) द्वारा कई वर्षो से असम के इस क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन अन्वेषण एवं उत्पादन का कार्य किया जा रहा है। कच्चा तेल उत्पादन में उसे सफलता प्राप्त नही हुआ किंतु उसे पर्याप्त मात्रा में प्राकृतिक गैस प्राप्त हुआ है। ध्यान देने की आवश्यकता है कि यह प्राकृतिक गैस शिलचर नगर के समीप बाँशकांदि, धनेहरी एवं भुवनडर क्षेत्र में उपलब्ध है। ओएनजीसी अपने द्वारा उत्पादित यह सब प्राकृतिक गैस धनेहरी में नवनिर्मित ” गैस संग्रह स्थान ” जिसे अंग्रेजी में गैस कलेक्टिंग स्टेशन कहाँ जाता है, वहाँ ला रही है पाइप के द्वारा अपने भिन्न-भिन्न गैस कूप से। इसके अतिरिक्त बाँशकांदि बाजार के समीप भी ओएनजीसी का एक संस्थापन है जहाँ प्राकृतिक गैस उपलब्ध है। भारत सरकार की नियम के अनुसार ओएनजीसी लोगो के घरो तक या दूसरे औद्योगिक इकाई में पाइप के द्वारा यह प्राकृतिक गैस विक्री नही कर सकती है। इसलिए ओएनजीसी, शिलचर २०१९ ई. में असम सरकार की सार्वजनिक उपक्रम असम गैस कंपनी निगम (AGCL) के संग समझौता किया है यह गैस विक्री करने के लिए ताकि असम गैस कंपनी निगम पाइप के द्वारा लोगो के घरो तक एवं भिन्न व्यवसायिक केंद्रो तक यह प्राकृतिक गैस पहुँचाए जो बहुत सस्ता है एलपीजी से तथा उपयोग करने में भी सहज है। यह पाइप गैस व्यवहार करने में भी एलपीजी से बहुत कम खतरा है। इससे अतिरिक्त यदि एजीसीएल सीएनजी स्टेशन स्थापित करे शिलचर में तो इस ईंधन से वाहन भी चलेगी।  उल्लेखनीय है कि शिलचर से प्रायः २० किलोमीटर दूर स्थित सोनाइ बाजार क्षेत्र में प्रायः ५०० घरो को पाइप के द्वारा यह गैस दिया जा रहा है किंतु एक गंभीर षड़यंत्र के कारण असम के दूसरे सबसे अधिक जनसंख्यावाले नगर शिलचर में एजीसीएल यह सुविधा चार वर्षो से नही दे पा रही है। क्या यह भाजपा गठबंधन की असम सरकार की बराकघाटी के प्रति एक अवहेलना नही है? जिस गति से एजीसीएल गैस पाइप बिछाने का कार्य कर रही है इससे लामडिंग से शिलचर तक ब्राडगेज रेलमार्ग विछाने का कार्य हमें स्मरण करा दिया है। एजीसीएल असम सरकार की एक सार्वजनिक उपक्रम होने के कारण इस पाइप बिछाने कार्य से संबंधित असम सरकार की दूसरे विभागो से आवश्यक अनुमति या दूसरा कोई विभागीय कार्य सहजता से होनी चाहिए किंतु एजीसीएल के अकर्मण्यता के कारण आज शिलचरवासियो को ओएनजीसी द्वारा उत्पादित सस्ता एवं सहज प्राकृतिक गैस प्राप्त नही हो रहा है। क्या बराकघाटी के लोगो को पाइप गैस के लिए भारत के लोकप्रिय पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा आरंभ किया गया असम्पुर्ण शिलचर-पोरबंदर राष्ट्रीय राजमार्ग की तरह १९ वर्ष तक या उससे अधिक प्रतीक्षा करना होगा ?

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