डिब्रूगढ़: राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत डिब्रूगढ़ जिले ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए ‘सुरक्षित जिला’ (Surakshit District) का दर्जा प्राप्त किया है। इसके साथ ही डिब्रूगढ़ असम के चिह्नित छह उच्च प्राथमिकता वाले जिलों में ९५-९५-९५ के तीनों लक्ष्यों को हासिल करने वाला पहला जिला बन गया है। यह उपलब्धि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) के ‘मोबिलाइजेशन फॉर एड्स सुरक्षा’ (एमएएस) डैशबोर्ड पर दर्ज की गई है।
‘मोबिलाइजेशन फॉर एड्स सुरक्षा’ (एमएएस) भारत सरकार के राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) द्वारा राष्ट्रीय एड्स एवं यौन संचारित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनएसीपी) के पांचवें चरण के तहत शुरू की गई एक राष्ट्रव्यापी पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य जिला स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को गति प्रदान करना है, ताकि १ दिसंबर २०२७ तक एचआईवी महामारी पर नियंत्रण के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। साथ ही, वर्ष २०३० तक एड्स को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरे के रूप में समाप्त करने संबंधी संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी-३.३) के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को पूरा किया जा सके।
वैश्विक एचआईवी नियंत्रण अभियान के महत्वपूर्ण मानक ९५-९५-९५ लक्ष्यों के तहत यह सुनिश्चित करने का प्रावधान है कि एचआईवी से संक्रमित कुल लोगों में से ९५ प्रतिशत को अपनी संक्रमण स्थिति की जानकारी हो; संक्रमित पाए गए लोगों में से ९५ प्रतिशत को एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) के तहत उपचार मिले; तथा उपचार प्राप्त कर रहे लोगों में से ९५ प्रतिशत का वायरल लोड नियंत्रित होकर वायरस का स्तर अत्यंत कम हो जाए। इन तीनों लक्ष्यों को हासिल करना एचआईवी संक्रमण के प्रसार को कम करने और एचआईवी के साथ जीवन जी रहे लोगों की जीवन गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
यह उपलब्धि डिब्रूगढ़ जिला प्रशासन के निरंतर प्रयासों, बेहतर समन्वय, नियमित निगरानी तथा संबंधित विभागों और हितधारकों की सक्रिय भागीदारी का परिणाम है। जिले में एचआईवी की रोकथाम, जांच, उपचार और देखभाल सेवाओं को मजबूत बनाने में जिला एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण इकाई (डीएपीसीयू), एकीकृत परामर्श एवं जांच केंद्रों (आईसीटीसी) के कर्मचारियों, एआरटी केंद्र के कर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों, सहयोगी विभागों, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और समुदाय के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
एनजीओ ने सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने, एचआईवी जांच एवं उपचार सेवाओं तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने में विशेष योगदान दिया है। सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों, समय पर उपचार की उपलब्धता और प्रभावी सामुदायिक सहभागिता ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को संभव बनाया है।
डिब्रूगढ़ जिला प्रशासन ने इस उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी स्वास्थ्यकर्मियों, सहयोगी संगठनों और हितधारकों को बधाई दी है। प्रशासन ने इस उपलब्धि को बनाए रखने, एचआईवी से संबंधित सेवाओं को और अधिक मजबूत करने तथा ‘सुरक्षित प्लस’ (Surakshit Plus) का दर्जा हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
यह उपलब्धि जिले में सुलभ, समावेशी और व्यापक एचआईवी रोकथाम, जांच, उपचार एवं देखभाल सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने की प्रेरणा प्रदान करेगी।
जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में एचआईवी जांच और उपचार की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं। आम नागरिक अधिक जानकारी, मार्गदर्शन और परामर्श के लिए राष्ट्रीय एड्स हेल्पलाइन नंबर १०९७ पर संपर्क कर सकते हैं।
अर्नब शर्मा
डिब्रूगढ़