गुवाहाटी, 18 अप्रैल (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने प्रदेश की समृद्ध विरासत को याद करते हुए लोगों से उसे देखने-समझने और संरक्षित करने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि असम की प्राकृतिक और मानव निर्मित धरोहरें पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं। चाहे चराइदेव मैदाम हो या काजीरंगा नेशनल पार्क, कामाख्या मंदिर हो या बड़ुवा थान – हर स्थान का गौरवशाली इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर हम सभी को असम की अमूल्य धरोहरों को जानने और उन्हें सहेजने का संकल्प लेना चाहिए।