ईटानगर: नामसाई पुलिस ने कथित बाल तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से १९ बच्चों को बरामद किया है। बच्चों को राज्य के अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाने में कथित भूमिका निभाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुमन्या कोचुंग, मार्ते एटे और नेहा गेरोरी के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, बच्चों को मेचुका, आलो, पासीघाट, नाहरलागुन, ईटानगर और लोंगडिंग सहित विभिन्न स्थानों से बरामद किया गया।
यह मामला १७ अगस्त को नामसाई पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। नामसाई बाल कल्याण समिति की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान कुछ मामलों में प्रति बच्चे करीब १० हजार से ५० हजार रुपये तक के कथित मौद्रिक लेनदेन का पता चला।
नामसाई के पुलिस अधीक्षक सांगे थिनले ने बताया कि विभिन्न स्थानों से १९ बच्चों को बरामद किया गया है और मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है।
कथित बाल तस्करी नेटवर्क की विस्तृत जांच के लिए पुलिस अधीक्षक सांगे थिनले की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बरामद किए गए कुछ बच्चों से कथित तौर पर घरेलू सहायकों और होटलों में काम कराया जा रहा था।
ऑल असम टी ट्राइब्स स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एटीटीएसए) के एक नेता ने कहा कि बाल तस्करों द्वारा अक्सर समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को निशाना बनाया जाता है। बताया जा रहा है कि बरामद किए गए कई बच्चे असम के चाय बागान क्षेत्रों से हैं और उन्हें कथित तौर पर घरेलू काम के लिए अरुणाचल प्रदेश ले जाया गया था।
बरामद बच्चों की कम उम्र ने भी गंभीर चिंता पैदा की है। बताया जा रहा है कि अधिकांश बच्चे आठ वर्ष से कम उम्र के हैं। शुरुआती बातचीत के दौरान कुछ बच्चे अपने परिवार के बारे में बुनियादी जानकारी, यहां तक कि अपने माता-पिता के नाम तक बताने में असमर्थ पाए गए।
बाल बचाव और पुनर्वास से जुड़े एक कार्यकर्ता के अनुसार, कथित नेटवर्क में बिचौलियों की अहम भूमिका रही होगी। वे कथित तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पहचान कर बच्चों को उन स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था करते थे, जहां घरेलू कामगारों, होटल कर्मचारियों और रेस्तरां कर्मियों की मांग थी।
अधिकारी अब कथित नेटवर्क, इसमें शामिल वित्तीय लेनदेन और बच्चों को उनके परिवारों से अलग कर दूसरे स्थानों पर ले जाने की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। एसआईटी की जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
अर्नब शर्मा
डिब्रूगढ़
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