अमित शाह का ऐलान: असम को घुसपैठियों से मुक्त करेंगे

काठीघोड़ा , 20 फरवरी: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने गुरुवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा असम को अवैध घुसपैठ से मुक्त करेगी। उन्होंने घोषणा की कि राज्य में रह रहे प्रत्येक अवैध प्रवासी की पहचान कर कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें उनके देश वापस भेजा जाएगा।
वे भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर काछार जिले के नातानपुर में 6,839 करोड़ रुपये की लागत से शुरू किए गए वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-2 (VVP-2) के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, “2026 में हम पुनः सत्ता में आएंगे और हमारा पहला कार्य न केवल अवैध घुसपैठ को रोकना होगा, बल्कि राज्य में मौजूद अवैध प्रवासियों को भी निष्कासित करना होगा।”
गृह मंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने घुसपैठ के मुद्दे पर कठोर कदम नहीं उठाए, बल्कि उन्हें संरक्षण दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा 2026 के विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत से जीत दर्ज करेगी।
सीमावर्ती गांवों के विकास पर जोर
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच है कि सीमावर्ती गांव देश के “अंतिम” नहीं बल्कि “प्रथम” गांव हैं। इसी सोच के तहत नातानपुर को असम का पहला विकसित सीमावर्ती गांव बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के तहत असम के 140 सीमावर्ती गांवों का व्यापक विकास किया जाएगा। यह केंद्र सरकार की विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे दूरस्थ गांवों में आधारभूत संरचना का विकास, जीवन स्तर में सुधार, स्थानीय रोजगार सृजन, पर्यटन को बढ़ावा और सुरक्षा को मजबूत करना है।
इस कार्यक्रम के लिए वर्ष 2022-23 से 2025-26 (प्रथम चरण) तक तथा आगे 2028-29 तक कुल 6,839 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। शाह ने कहा कि पाकिस्तान और चीन की सीमा पर यह योजना पहले से लागू है और अब बांग्लादेश सीमा पर भी इसे प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पड़ोसी बांग्लादेश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों की समीक्षा के बाद कछार जिले के कटिगड़ा विधानसभा क्षेत्र के नातानपुर में इस कार्यक्रम के आयोजन का निर्णय लिया गया। स्वतंत्रता के बाद पहली बार किसी शीर्ष केंद्रीय नेता ने नातानपुर गांव का दौरा किया। इस अवसर पर गृह मंत्री ने नातानपुर सीमा चौकी का भी निरीक्षण किया।
कार्यक्रम में कई गणमान्य उपस्थित
सभा में असम के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, मंत्री कौशिक राय, मंत्री कृष्णेंदु पाल, सांसद परिमल शुक्ल वैद्य, राज्यसभा सांसद कणाद पुरकायस्थ, शिलचर के विधायक दीपायन चक्रवर्ती, विधायक कमलाक्ष पुरकायस्थ, विजय मालाकार सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
गृह मंत्री के इस बयान से राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है, खासकर आगामी 2026 विधानसभा चुनावों को देखते हुए।