संपादक के नाम पत्र
माननीय कोर्ट ने एक ऐसी नजीर पेश कर दी है के कोई भी जिद्दी भीड़ देश के चुने हुए लॉ-मेकरों के बनाये कानूनों पर स्टे लगवा सकेगी। एक बुद्धिजीवी की इस विषय पर ये टिप्पणी बिल्कुल सही है के किसान आंदोलन के परिपेक्ष्य में कोर्ट के आज के फैसले से लोकतंत्र की नई परिभाषा ये … Read more