क्या भारत एक स्वस्थ युवाओं का देश भी है? — डाँ नीलम महेंद्र

वर्तमान भारत जिसके विषय में हम गर्व से कहते हैं कि यह एक युवा देश है, क्या हम उसके विषय में यह भी कह सकते हैं कि भारत स्वस्थ युवाओं का देश है? यह प्रश्न अनायास नहीं है अपितु यह प्रश्न उन सर्वेक्षणों के आधार पर है जिनमें हमारे बच्चों में टाइप 2 मधुमेह के … Read more

ईवीएम को लेकर इतनी हाय-तौबा क्यों – राधा रमण

मंगलवार को भारतीय संविधान दिवस के दिन कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में संविधान रक्षा दिवस मनाया। इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि देश में न्याय यात्रा और जनजागरण यात्रा की तरह ईवीएम भगाओ, देश बचाओ यात्रा शुरू करने की जरूरत है। हम इस तरह के अभियान के लिए … Read more

शहर से बढ़िके गांव भईल बा।

पीपर पाकड़ सजी कटाइल कठिन डगर आ छांव भइल बा। रंगबाजी अब पांव पसरलस, शहर से बढिके गाँव भइल बा।। नेह से भारी नेट भईल बा, बड़हन सबके पेट भईल बा। मोबाइल से मेसेज जाता, महंगा सबसे भेंट भईल बा।। कहीं पसीना बहत नइखे पूरवाई अब लहत नइखे अचखा पचखा मारला बिना केहू तनिको अब … Read more

पत्नी कैसी चाहिए?

संभोग शादी का स्तंभ है, लेकिन समाज इस बात को मनाने से कतराता है समाज का कहना है कि शादी सिर्फ संभोग के लिए नहीं होती है, और भी कारण हैं, लेकिन यदि किसी से पूछो कि तुम्हे सब मिलेगा बस सेक्स करने को नहीं मिलेगा तो इसे कोई शादी करने को तैयार नहीं होगा … Read more

25 नवम्बर/पुण्य-तिथि राजा धन्य माणिक्य एवम रानी कमला देवी  द्वारा त्रिपुरा में नरबलि का अन्त

पूर्वांचल के सात राज्यों में त्रिपुरा भी एक है। 1490 ई. में यहाँ राजा धन्य माणिक्य का शासन था। राजा और उनकी रानी कमला देवी बड़े धार्मिक स्वभाव के थे। उन्होंने काशी और प्रयाग से विद्वानों को बुलाकर अपने राज्य में गंगोत्री, यमुनोत्री, त्रिपुर सुन्दरी, काली माँ आदि के विशाल मन्दिर, तालाब तथा शमशान घाट … Read more

थोड़ी आँच बची रहने दो थोड़ा धुआँ निकलने दो

मेरे स्वप्न तुम्हारे पास सहारा पाने आएँगे इस बूढ़े पीपल की छाया में सुस्ताने आएँगे हौले-हौले पाँव हिलाओ जल सोया है छेड़ो मत हम सब अपने-अपने दीपक यहीं सिराने आएँगे थोड़ी आँच बची रहने दो थोड़ा धुआँ निकलने दो तुम देखोगी इसी बहाने कई मुसाफ़िर आएँगे उनको क्या मालूम निरूपित इस सिकता पर क्या बीती … Read more

24 नवम्बर / बलिदान दिवस गुरु तेग बहादुर जी

24 नवंबर 1675 की तारीख गवाह बनी थी, हिन्दू के हिन्दू बने रहने की !! दोपहर का समय और जगह चाँदनी चौक , दिल्ली लाल किले के सामने जब मुगलिया हुकूमत की क्रूरता देखने के लिए लोग इकट्ठे हुए पर बिल्कुल शांत बैठे थे -नौवें गुरू तेग बहादुर साहिब।  लोगो का जमघट !! और सबकी … Read more

राशिफल : 24 नवम्बर, 2024

मेष : समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश सफल होगी। कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। अपने काम में सुविधा मिल जाने से प्रगति होगी। शुभांक-3-5-7 वृष : नवीन जिम्मेदारी बढ़ने … Read more

“नई सीख(कहानी)

अप्रैल का महीना था। वसंत ऋतु में उस दिन साहिल की नींद कोयल की मीठी कूक से खुल गई थी। आंखों को मलते हुए साहिल खिड़की के पास पहुंचा तो उसने देखा कि घर के बाहर खड़े आम के पेड़ के पत्तों के झुरमुट में छिपकर कोयल अपने सुमधुर स्वर में अब भी कुहू-कुहू गा … Read more

भारत-नेपाल की सांस्कृतिक, आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा दे रहा उत्तराखंड की धरोहर कहलाने वाला अंतरराष्ट्रीय जौलजीबी मेला ( संस्मरण) — सुनील कुमार महला

पिछले डेढ़ साल से मैं मिर्थी, पिथौरागढ़, उत्तराखंड में हूं। उस दिन15 नवंबर 2024 का दिन था। श्री गुरु नानक देव जी की जयंती होने के कारण राजपत्रित अवकाश भी था और इसलिए हमने मिर्थी से जौलजीबी मेले में घूमने का प्लान बनाया। लगभग 26 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है मिर्थी से जौलजीबी। पिथौरागढ़ … Read more