कौशल विकास की ओर अग्रसर इंडिया ! — सुनील कुमार महला

भारत पचपन करोड़ से भी अधिक युवा आबादी के साथ आज दुनिया का सबसे युवा देश है। कहते हैं कि युवा ही किसी देश का असली भविष्य और राष्ट्र की रीढ़ होते हैं। पाठकों को जानकारी देना चाहूंगा कि भारत के युवा अपनी कौशल(स्किल) और प्रतिभा(टेलेंट) के माध्यम से वैश्विक स्तर पर लगातार अपनी विशिष्ट … Read more

20 जनवरी/पुण्य-तिथि ईरंकि सुब्रह्मण्यम का असमय अवसान

यों तो जो भी प्राणी इस धरा पर जन्मा है, उसे एक दिन जाना ही होता है; पर भरपूर युवावस्था में यदि कोई चला जाए, तो उसका कष्ट मन को सदा बना रहता है। श्री ईरंकि सुब्रह्मण्यम ऐसे ही प्रचारक थे। श्री सुब्रह्मण्यम का जन्म आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले में स्थित अमलापरुम् नगर … Read more

19 जनवरी/पुण्यतिथि  महान योद्धा महाराणा प्रताप 

महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई, 1540 ईस्वी को राजस्थान के कुंभलगढ़ दुर्ग में हुआ था। महाराणा प्रताप की जयंती विक्रमी संवत कैलेंडर के अनुसार प्रतिवर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाई जाती है। महान योद्धा महाराणा प्रताप की वीरता को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। सिसोदिया राजपूत राजवंश के राजा महराणा … Read more

पूर्वोत्तर भारत की तीन बड़ी समस्याएं: अनुप्रवेश, धर्मान्तरण और आतंकवाद- दिलीप कुमार

पूर्वोत्तर भारत, अपने सांस्कृतिक और प्राकृतिक वैभव के लिए प्रसिद्ध, आज गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और सामाजिक संरचना इसे भारत के अन्य हिस्सों से अलग बनाती है। हालांकि, यहां की प्रमुख समस्याएं – अनुप्रवेश, धर्मान्तरण और आतंकवाद, न केवल इस क्षेत्र की शांति और समृद्धि को बाधित … Read more

16 जनवरी/पुण्यतिथि शरतचंद्र चट्टोपाध्याय

शरतचंद्र चट्टोपाध्याय, एक ऐसे व्यक्ति है, जिन्होंने अपने शब्दों और कुछ अविस्मरणीय लेखन के कारण लोगों पर एक गहरी छाप छोड़ी, वह पश्चिम बंगाल को भली भाँति समझते थे। एक विख्यात लेखक, जिनकी स्पष्ट और अविस्मरणीय लेखन की सरल शैली उस समय के नियमित पाठकों को पढ़ने के लिए एक बेहतरीन समाग्री थी। शरतचंद्र चट्टोपाध्याय … Read more

कांग्रेसी मीडिया को भी जानिये — आचार्य श्रीहरि

मोदी समर्थक मीडिया की चर्चा तो होती है पर कांग्रेस समर्थक मीडिया, कम्युनिस्ट समर्थक मीडिया, बीबीसी की मुस्लिम समर्थक मीडिया की व्यापक चर्चा होती ही नहीं है। सत्ता जिसकी होती है उसकी ओर मीडियाकर्मी या तो रंग बदल कर शामिल हो जाते हैं या फिर अपनी विचारधारा की समर्थक पार्टियों के पैड वर्कर बन जाते … Read more

प्रेरक कहानी  लगभग दस साल का अखबार बेचने वाला बालक एक मकान का गेट बजा रहा है..  (शायद उस दिन अखबार नहीं छपा होगा)

मालकिन – बाहर आकर पूछी “क्या है ? बालक – “आंटी जी क्या मैं आपका गार्डेन साफ कर दूं? मालकिन – नहीं, हमें नहीं करवाना.. बालक – हाथ जोड़ते हुए दयनीय स्वर में.. “प्लीज आंटी जी करा लीजिये न, अच्छे से साफ करूंगा। मालकिन – द्रवित होते हुए “अच्छा ठीक है, कितने पैसा लेगा? बालक … Read more

रुनुबाला

कहानी है साल १९५० के दशक की। असम का बदरपुर शहर और उसी शहर से सटा गाँव नाम श्रीगौरी। ये गाँव जैसा नाम वैसा ही देखने में सुन्दर। हरे-भरे खेत, चारों तरफ हरियाली-ही-हरियाली, छोटे-बड़े हर घर के पीछे एक छोटा सा पोखर, चारों तरफ आम, कटहल, नारियल, सुपारी के पेड़। घरों के किनारे तथा रास्ते … Read more

ड्रॉपआउट से बचने के लिए फीनलैंड से प्रेरणा की जरूरत। — सुनील कुमार महला

आज देश में स्कूल ड्रॉपआउट की संख्या में इजाफा हो रहा है। इस संबंध में हाल ही में ‘शिक्षा हेतु एकीकृत ज़िला सूचना प्रणाली, यू-डाइस यानी कि यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफोर्मेशन सिस्टम फोर एजुकेशन ने भारत में स्कूली बच्चों की ड्रॉपआउट यानी समय से पहले स्कूल छोड़ने की दर के आंकड़े जारी किए हैं।एक प्रतिष्ठित अंग्रेजी … Read more

हिंडेनबर्ग रिसर्च : भेड़िया आया … चला गया — राधा रमण

भेड़िया आया … शिकार किया … और चला गया। अमेरिकी नागरिक नाथन एंडरसन पर यह उक्ति सटीक बैठती है। अमेरिकी वित्तीय शोध कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने बुधवार को अचानक अपनी दुकान बंद कर दी है। 2017 में नाथन एंडरसन नामक अमेरिकी नागरिक द्वारा स्थापित इस संस्था ने महज आठ साल के अंदर न सिर्फ भारत … Read more