कहानी नालायक बेटा

नालायक… “बेटा, हमारा एक्सीडेंट हो गया है। मुझे ज्यादा चोट नहीं आई पर तेरी माँ की हालत गंभीर है। कुछ पैसों की जरुरत है और तेरी माँ को खून चढ़ाना है।” बासठ साल के माधव जी ने अपने बड़े बेटे से फोन पर कहा। “पापा, मैं बहुत व्यस्त हूँ आजकल… । मेरा आना नहीं हो … Read more

महात्मा गांधी

सादा जीवन, ऊँचे विचार, सत्य-अहिंसा उनके हथियार। न्याय की राह पे चलते रहे, सत्य के दीपक जलते रहे। चरखा बन गया पहचान नई, आवाज़ बनी हर हिन्दुस्तानी। न नफ़रत, न कोई युद्ध पुकार, बस प्रेम, शांति और सत्य का संसार। छोटी काया, पर मन था विशाल, देशभक्ति में उनका नहीं कोई मिसाल। कदम-कदम पर सिखाया … Read more

असीम ऊर्जा की प्रतीक देवी दुर्गा — प्रमोद भार्गव

भारत में देवी की पूजा वैदिक युग में ही आरंभ हो गई थी। ऋग्वेद के देवी सूक्तम में सभी देवताओं की आंतरिक षक्ति की बात कही गई है, जो ऊर्जा की प्रतीक है। हरिवंष पुराण में कालरात्रि, निद्रा और योगमाया के समन्वित रूपों के बारे में बताया है कि जब भगवान विश्णु नींद में होते हैं, तब देवी … Read more

क्यों की जाती है विजयादशमी पर शमी वृक्ष की पूजा ?

क्यों की जाती है विजयादशमी पर शमी वृक्ष की पूजा ?हमारे देश में विजयादशमी के शुभ अवसर पर देवी पूजा एवं शस्त्र पूजा के के साथ ही साथ ‘शमी’ वृक्ष की पूजा की परम्परा भी कायम है। किंतु प्रश्न यह उठता है कि विजयादशमी पर खासतौर से शमी वृक्ष की पूजा क्यों की जाती है … Read more

क्या करना चाहिए?

अचानक रास्ते में एक बिजली के खंभे पर समीर की दृष्टि पड़ी तो उसने उसपर कुछ कलम से लिखा हुआ पन्ना चिपका हुआ देखा। पास जाकर पढ़ा तो उसपर लिखा था – “कृपया ध्यान दीजिए…… इस रास्ते पर कल मेरा एक सौ रुपए का एक नोट गिर गया था । मुझे ठीक से दिखाई नहीं … Read more

राष्ट्र-चिंतन अरब-मुस्लिम नाटो गठन की विफलता — आचार्य श्रीहरि

अरब-मुस्लिम नाटो गठन का सपना अधूरा रह गया। पाकिस्तान, तुर्की और हमास का प्रयास विफल हो गया। कतर खुद पीछे हट गया। इस्लामिक सहयोग संगठन की गोलबंदी भी कोई काम नहीं आयी। अरब लीग और इस्लामिक सहयोग संगठन क्या सिर्फ हाथी के दांत है, गुब्बारे की हवा हैं, मंच पर सिर्फ बैठ कर शैखी बघारने … Read more

25 सितंबर, 2025 पितृपक्ष की पावन यात्रा : गया और बौद्ध सर्किट – रत्नज्योति दत्ता

नई दिल्ली – हिंदू धर्म में पुनर्जन्म पर आस्था गहरी है और पितृपक्ष के पखवाड़े में बिहार के पवित्र नगर गया में यह आस्था सबसे जीवंत रूप में प्रकट होती है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु फल्गु नदी के तट पर एकत्र होकर अपने पूर्वजों के लिए पिंडदान और श्राद्धकर्म संपन्न करते हैं। शास्त्रों के अनुसार … Read more

चुनावी खर्च पर दलों की जवाबदेही ज़रूरी: कुरैशी  

चुनावी खर्च पर दलों की जवाबदेही ज़रूरी: कुरैशी   पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस.वाई. कुरैशी ने कहा कि भारत में लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए राजनीतिक दलों को चुनावी खर्चों का हिसाब देना होगा। उन्होंने अपनी नई पुस्तक डेमोक्रेसीज़ हार्टलैंड के विमोचन पर कहा कि प्रत्याशियों पर खर्च की सीमा है लेकिन दलों पर नहीं, … Read more

मानवरत्न : भारतरत्न भुपेनदा -उमेश खंडेलिया

मानवरत्न : भारतरत्न भुपेनदा  – उमेश खंडेलिया धेमाजी      डॉ. भूपेन हजारिका—एक ऐसा नाम, जो असम और भारत की सांस्कृतिक स्मृति में संगीत के महाकाव्य की तरह अंकित है। सुधाकंठ, असमरत्न और साहित्याचार्य की उपाधियों से विभूषित यह व्यक्तित्व केवल गायक ही नहीं, बल्कि कवि, गीतकार, फिल्मकार और समाज-चिंतक भी थे। 1926 में सदिया … Read more

-पुस्तक समीक्षा- ‎बराक घाटी की बांग्ला कविताएँ (हिन्दी में अनुदित) द्वारा अशोक वर्मा समीक्षक- डा. ‎रीता सिंह ‎आज मैं बालार्क प्रकाशन के कर्णधार अशोक वर्मा जी की हिन्दी में अनुदित पुस्तक बरांक घाटी की बांग्ला कविताएं के बारे में अपनी अति सीमित बुद्धि-अनुभव और क्षमता के आधार पर कुछ लिखने की कोशिश कर रही हूं। … Read more