एजेंडवादी लेखक और उनकी तिलमिलाहट
हिंदी दैनिकों का नियमित पाठक हूँ। कतिपय अखबारों में रविवार के संपादकीय पृष्ठ पर एक ख्यात एजेंडवादी लेखक का आलेख नियमित छपता हैं।ये एजेंडवादी आलेख हर हप्ते बड़े जहीन तरीके से अपनी व्यक्तिगत घृणा से सने वामपंथी वैचारिक जहर को पाठकों के अंदर संप्रेषित करता है। अक्सर ये आलेख भारत की विदेश नीति और बाहरी … Read more